धर्म : अंक ज्योतिष में व्यक्ति की जन्मतिथि से निकलने वाले मूलांक को उसके स्वभाव, व्यक्तित्व, रिश्तों और व्यवहार से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि हर मूलांक की अपनी विशेषताएं होती हैं, जो व्यक्ति की सोच और दूसरों के साथ उसके संबंधों को प्रभावित करती हैं। कुछ मूलांक वाले लोग दोस्ती निभाने, दूसरों की मदद करने और रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखने के लिए खास माने जाते हैं। अंक ज्योतिष की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, मूलांक 2, 6 और 9 के जातकों को दोस्ती और रिश्तों के मामले में बेहद समर्पित माना जाता है। कहा जाता है कि ये लोग अपने करीबियों के लिए हर संभव प्रयास करते हैं, लेकिन विश्वास टूटने पर इन्हें गहरी ठेस पहुंच सकती है।हालांकि, किसी व्यक्ति का स्वभाव केवल जन्मतिथि से तय नहीं होता। अंक ज्योतिष की इन मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इन्हें पारंपरिक ज्योतिषीय विश्वासों के रूप में ही समझना चाहिए।
मूलांक 2: दिल से निभाते हैं दोस्ती
अंक ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को होता है, उनका मूलांक 2 माना जाता है। इस मूलांक का स्वामी चंद्रमा है।मान्यता है कि मूलांक 2 वाले लोग स्वभाव से संवेदनशील, भावुक और दूसरों की भावनाओं को समझने वाले होते हैं। ये अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ मजबूत भावनात्मक संबंध बनाना पसंद करते हैं।ऐसा माना जाता है कि इनलोगों के लिए दोस्ती केवल साथ समय बिताने का माध्यम नहीं, बल्कि भरोसे और अपनापन का रिश्ता होती है। अपने किसी करीबी को परेशानी में देखकर ये उसकी मदद करने का प्रयास करते हैं।अंक ज्योतिष में मूलांक 2 वालों के बारे में कहा जाता है कि वे रिश्तों में ईमानदारी और विश्वास को विशेष महत्व देते हैं। यदि कोई करीबी व्यक्ति उनका भरोसा तोड़ देता है, तो उन्हें भावनात्मक चोट पहुंच सकती है।हालांकि, समय के साथ विश्वास दोबारा बनाना संभव है या नहीं, यह संबंधित व्यक्तियों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
मूलांक 6: रिश्तों को देते हैं सबसे ज्यादा महत्व
किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक 6 होता है। अंक ज्योतिष में इस अंक का स्वामी शुक्र ग्रह माना जाता है।पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, मूलांक 6 वाले लोग प्यार, दोस्ती और पारिवारिक रिश्तों को विशेष महत्व देते हैं। इन्हें मिलनसार, सहयोगी और अपने करीबियों की खुशी का ध्यान रखने वाला बताया जाता है।कहा जाता है कि ये लोग अपने दोस्तों के सुख-दुख में शामिल होना पसंद करते हैं। किसी दोस्त को मदद की जरूरत होने पर अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने का प्रयास करते हैं।मूलांक 6 वाले लोगों को संबंधों में संतुलन और आपसी समझ बनाए रखने वाला भी माना जाता है। इन्हें ऐसे रिश्ते पसंद होते हैं, जिनमें दोनों तरफ से सम्मान और विश्वास बना रहे।अंक ज्योतिष की मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति इनके भरोसे का गलत फायदा उठाता है, तो ये उससे दूरी बना सकते हैं।हालांकि, वास्तविक जीवन में किसी का भरोसा टूटने पर उसकी प्रतिक्रिया उसके अनुभव और व्यक्तिगत स्वभाव पर निर्भर करती है।
मूलांक 9: दोस्ती में माने जाते हैं सबसे साहसी
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को होता है, उनका मूलांक 9 माना जाता है। इस मूलांक का स्वामी मंगल ग्रह है।अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 9 वाले लोग साहसी, ऊर्जावान और अपने प्रियजनों के प्रति समर्पित होते हैं।मान्यता है कि ये दोस्ती में पीछे नहीं हटते और कठिन परिस्थितियों में अपने करीबियों का साथ देने का प्रयास करते हैं।मूलांक 9 वालों के बारे में कहा जाता है कि इन्हें अन्याय और धोखेबाजी पसंद नहीं होती। ये अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करना पसंद करते हैं और दोस्तों के प्रति वफादारी को महत्व देते हैं।अंक ज्योतिष में यह भी माना जाता है कि इनका स्वभाव कभी-कभी तेज हो सकता है। यदि कोई इनका विश्वास तोड़ता है, तो ये अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर सकते हैं।लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इस मूलांक के सभी लोगों का व्यवहार एक जैसा होगा।
कैसे निकालें अपना मूलांक?
अंक ज्योतिष में मूलांक निकालने के लिए जन्म की तारीख के अंकों को जोड़कर एक अंक बनाया जाता है।उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का जन्म 24 तारीख को हुआ है, तो उसका मूलांक निकालने के लिए 2 और 4 को जोड़ेंगे।2 + 4 = 6इस प्रकार 24 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्ति का मूलांक 6 होगा।इसी तरह 29 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्ति का मूलांक 2 होगा, क्योंकि 2 + 9 = 11 और 1 + 1 = 2।
दोस्ती निभाने के लिए जरूरी है भरोसा
अंक ज्योतिष में मूलांक 2, 6 और 9 को दोस्ती तथा रिश्तों के मामले में विशेष महत्व दिया जाता है। लेकिन किसी व्यक्ति की वफादारी, ईमानदारी या भरोसेमंद होने का सही आकलन केवल उसके मूलांक से नहीं किया जा सकता।मजबूत दोस्ती के लिए आपसी सम्मान, बातचीत, विश्वास और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे का सहयोग करना जरूरी है।इसलिए चाहे व्यक्ति किसी भी मूलांक का हो, उसके साथ रिश्ते निभाते समय ईमानदारी और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।