Religion धर्म :ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति में होने वाला परिवर्तन व्यक्ति के जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का प्रभाव डाल सकता है। इसी क्रम में देवगुरु बृहस्पति (गुरु) 14 जुलाई 2026 से अस्त होने जा रहे हैं, जो 12 अगस्त 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। इस अवधि में कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय बदलाव देखने को मिलेंगे, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, गुरु को शुभ कार्यों का प्रमुख कारक माना जाता है। इसलिए जब गुरु अस्त होते हैं, तो विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य सामान्य रूप से नहीं किए जाते। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार, इस अवधि में भाग्य, शिक्षा, धन, संतान और वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, जिन लोगों की जन्म कुंडली में गुरु मजबूत स्थिति में होते हैं, उन्हें इस समय अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। इसके विपरीत कुछ राशियों के लिए यह अवधि सकारात्मक बदलाव भी लेकर आती है और नए अवसरों के द्वार खोल सकती है।
मेष राशि पर प्रभाव
पंडित कल्कि राम के अनुसार, गुरु अस्त की अवधि मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकती है। इस दौरान रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है। व्यापार से जुड़े लोगों को नई डील मिलने के योग हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
इसके अलावा आय के नए स्रोत बनने की भी संभावना जताई जा रही है। भाग्य का साथ मिलने से कई रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। जो लोग लंबे समय से किसी निवेश या व्यापारिक योजना पर काम कर रहे हैं, उन्हें इस अवधि में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह समय मेष राशि वालों के लिए अवसरों से भरा माना जा रहा है, जहां सही निर्णय लेकर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय से पहले सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा।