Hariyali Teej ज्योतिष न्यूज़ : हरियाली तीज को सुहाग और दांपत्य सुख से जुड़े प्रमुख पर्वों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बना रहता है। अगर पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर नाराजगी, तनाव या गलतफहमी चल रही हो, तो हरियाली तीज पर कुछ विशेष धार्मिक उपाय करने की भी परंपरा है। ऐसा ही एक उपाय कपूर और लौंग से जुड़ा है, जिसे दांपत्य जीवन में सकारात्मकता और आपसी सामंजस्य के लिए किया जाता है।
हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
सनातन परंपरा में हरियाली तीज का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से माना जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इसी वजह से सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएं मनचाहे जीवनसाथी और विवाह में आने वाली बाधाओं के दूर होने की प्रार्थना करती हैं। हरियाली तीज विशेष रूप से उत्तर भारत के कई राज्यों में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। साल 2026 में यह पर्व 15 अगस्त को मनाया जाएगा।
पति-पत्नी के बीच प्रेम के लिए कपूर-लौंग का उपाय
यदि वैवाहिक जीवन में बार-बार मतभेद हो रहे हों या छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ रहा हो, तो हरियाली तीज पर कपूर और लौंग से जुड़ा यह पारंपरिक उपाय किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर के वातावरण में सकारात्मकता बढ़ाने और दांपत्य रिश्ते में प्रेम व समझ बनाए रखने में मदद मिलती है।
कैसे करें उपाय?
हरियाली तीज के दिन सूर्यास्त के बाद भीमसेनी कपूर का एक टुकड़ा लेकर भगवान शिव के सामने रखें। इसके बाद सात साबुत लौंग लें। ध्यान रखें कि सभी लौंग सही और बिना टूटी हुई हों। अब सातों लौंग को दाहिने हाथ में रखकर भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें और पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, सुख और आपसी समझ बनाए रखने की प्रार्थना करें। इसके बाद 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 11 माला जाप करें। मंत्र जाप पूरा होने के बाद सातों लौंग को कपूर के ऊपर रखकर उसे प्रज्वलित करें।
घर में सकारात्मकता की कामना
कपूर और लौंग के जलने के बाद उठने वाले धुएं को घर के अलग-अलग हिस्सों में दिखाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और वातावरण शुद्ध होता है। कपूर पूरी तरह जल जाने के बाद थोड़ा जल हाथ में लेकर दीपक के चारों ओर घुमाएं और फिर उसे जमीन पर अर्पित कर दें।
अंत में भगवान शिव और माता पार्वती से परिवार की सुख-शांति, पति-पत्नी के बीच प्रेम और रिश्ते में मधुरता बनाए रखने की प्रार्थना करें। इसके बाद पांच बार 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करके उपाय पूरा करें। यह उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। रिश्ते में लंबे समय से तनाव हो तो आपसी बातचीत और समझ को भी उतना ही महत्व देना चाहिए।