Sarva Pitru Amavasya ज्योतिष न्यूज़: पितृपक्ष जारी है और इसका समापन आश्विन मास की अमावस्या तिथि को होगा। इस तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। आमतौर पर इस अमावस्या को बड़ी अमावस्या भी कहा जाता है, क्योंकि यह पूर्ण रूप से पितरों को समर्पित होती हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ, दान, पिंडदान, तर्पण और ब्राह्मण भोज कराने से कई तरह के दोषों से राहत मिलती हैं। साथ ही, पूर्वजों की कृपा भी वंशजों पर बनी रहती है। शास्त्रों की मानें तो इस दिन भूले-बिसरे और अज्ञात तिथियों के श्राद्ध भी किए जाते हैं। इसलिए सर्वपितृ अमावस्या को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में सर्वपितृ अमावस्या किस दिन मनाई जाएगी और इस दिन के शुभ मुहूर्त क्या रहेंगे।
सर्वपितृ अमावस्या 2026
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 9 अक्तूबर की रात 9 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 10 अक्तूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 10 अक्तूबर को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी।
श्राद्ध और तर्पण के शुभ मुहूर्त
पहला मुहूर्त- सुबह 11:34 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक
दूसरा मुहूर्त- दोपहर 12:21 बजे से 1:07 बजे तक
तिसरा मुहूर्त- दोपहर 1:07 बजे से 3:28 बजे तक
सर्वपितृ अमावस्या पर करें ये काम
सर्वपितृ अमावस्या के दिन दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
इस शुभ अवसर पर पितरों का तर्पण जरूर करें। मान्यता है कि, इससे पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
सर्वपितृ अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मन को शांति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
अगर किसी पूर्वज का श्राद्ध किसी कारणवश रह गया है, तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन उनका श्राद्ध जरूर करें।
पितरों की शांति के लिए घर में दीप जलाएं और श्रद्धापूर्वक मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
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