Delhi दिल्ली: आज से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है। इस अवसर पर देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों का शुभारंभ भी हो गया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित कई राज्यों में गुड़ी पड़वा का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसे नए साल की शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
गुड़ी पड़वा के अवसर पर लोग अपने घरों को साफ-सुथरा करके रंगोली बनाते हैं और गुड़ी यानी कलात्मक झंडे को घर के मुख्य द्वार पर स्थापित करते हैं। इसके साथ ही विशेष पूजा और सामूहिक हवन का आयोजन किया जाता है। यह पर्व खुशहाली, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक है।
साथ ही आज से चैत्र नवरात्रि का आरंभ भी हो गया है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। देशभर के प्रमुख मंदिरों और घरों में नवरात्रि के दौरान विशेष आयोजन किए जाते हैं। भक्त इस दौरान व्रत रखते हैं, कथा पाठ करते हैं और आराधना में समय व्यतीत करते हैं।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, विक्रम संवत के नए साल और नवरात्रि की शुरुआत का यह संयोजन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नवीन शुरुआत का संदेश देता है। इस समय श्रद्धालु अपने घरों और मंदिरों में साफ-सफाई करते हैं, लक्ष्मी और दुर्गा माता की आराधना करते हैं और समाज में भाईचारे तथा एकता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
विशेषकर महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत में लोग इस दिन विशेष व्यंजन बनाते हैं और अपने परिवार एवं मित्रों के साथ मिलकर उत्सव का आनंद लेते हैं। राज्य और स्थानीय प्रशासन ने भी सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित की है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से पूजा और उत्सव में हिस्सा ले सकें। इस तरह, आज से नए साल और नवरात्रि का शुभारंभ होने के साथ ही पूरे देश में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उल्लास का माहौल बन गया है।