Temple Rules: मंदिर से लौटते समय न करें ये गलतियां, पुण्य की जगह मिल सकता है अशुभ फल
Temple Rules: जब भी हम मंदिर जाते हैं, तो वहां हमें एक अलौकिक शांति और सुकून का अनुभव होता है। हम पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के दर्शन करने जाते हैं, कभी भगवान की पसंद का प्रसाद लेकर तो कभी आरती में भाग लेने जाते हैं। मंदिर का माहौल इतना सकारात्मकता से भरा होता है कि अंदर कदम रखते ही मन की सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं और हमें शांति का एहसास होने लगता है। लेकिन कई बार मंदिर से लौटते समय हम कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जो हमारे साथ आई सकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकती हैं। इसके कई अशुभ प्रभाव भी देखने को मिलते हैं, इसलिए इन गलतियों से बचना चाहिए। आइए जानते हैं मंदिर से लौटते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
वापसी में न बजाएं मंदिर की घंटी
मंदिर में प्रवेश करते समय मंदिर की घंटी बजाई जाती है। वहीं कई बार लोग लौटते समय भी मुख्य द्वार पर लगी घंटी बजा देते हैं, जबकि ऐसा करना शास्त्रों के अनुसार अनुचित माना गया है। घंटी मंदिर में प्रवेश करते समय बजाई जाती है ताकि सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो और नकारात्मकता दूर हो जाए। लेकिन लौटते समय घंटी बजाने से ऐसा माना जाता है कि जो सकारात्मक ऊर्जा आपने ग्रहण की थी, वह वहीं छोड़ दी जाती है।
मंदिर से खाली हाथ न लौटें:
जब आप भगवान को फूल, माला, अगरबत्ती, मिठाई आदि अर्पित करते हैं, तो मंदिर से लौटते वक्त कुछ न कुछ साथ लाना शुभ माना जाता है। प्रसाद का एक भाग या कुछ फूल साथ लाकर घर में रखना सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखता है। यदि आपने शिवलिंग पर जल चढ़ाया है, तो उसमें से थोड़ा सा जल घर लाना भी शुभ माना गया है।
अक्सर लोग मंदिर से घर लौटकर तुरंत ही हाथ-पैर धोने लगते हैं, परंतु ऐसा नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा शरीर से जल्दी निकल जाती है।
यदि आपके पैरों में मिट्टी या धूल लगी हो, तो पहले कपड़े से पोछ लें और थोड़ी देर बाद पानी से धोएं। ऐसा करने से मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा थोड़ी देर तक आपके साथ बनी रहती है, जिससे घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है।