Surya Dev: रविवार को इस विधि से करें सूर्य पूजा, बढ़ेगी आयु और शत्रु भी होंगे परास्त

Update: 2025-07-13 02:10 GMT
Surya Dev: नवग्रहों के स्वामी और संपूर्ण ब्रह्मांड को प्रकाशित करने वाले सूर्य देव को संपूर्ण जगत का रचयिता माना जाता है। सूर्य के दर्शन के बिना किसी भी दिन की शुरुआत नहीं होती। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। भगवान सूर्य का दिन होने के कारण रविवार के दिन भगवान सूर्य की पूजा करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। सूर्य देव को हिरण्यगर्भ भी कहा जाता है। हिरण्यगर्भ का अर्थ है वह जिसका गर्भ स्वर्णिम आभा से युक्त हो।
रविवार के दिन सूर्य देव की विधिवत पूजा करके उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य देव की कृपा होती है और भक्तों को दीर्घायु, तेज, निरोगी काया और विपत्तियों से मुक्ति मिलती है। उगते सूर्य को जल अर्पित करना उन्नति का सूचक माना जाता है। इसलिए प्रातःकाल स्नान करके उगते सूर्य के दर्शन करने चाहिए। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आइए जानते हैं सूर्य देवता पूजन विधि:
1. सुबह उठकर स्नान-ध्यान करने के बाद तांबे या पीतल के लोटे में जल लेकर लाल रोली, लाल फूल मिला कर ॐ घृणि सूर्याय नम: का जाप करते हुए सूर्य देवता को जल चढ़ाएं.
2. साथ में एक दीपक जलाकर सूर्य देवता के का ध्यान करें.
3. ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करते हुए सूर्य को प्रणाम करें. लोटे से सूर्य देवता को जल चढ़ाएं.
4. अर्घ्य देते समय नजरें लोटे के जल की धारा की ओर रखें. जल की धारा में सूर्य का प्रतिबिम्ब एक बिन्दु के रूप में जल की धारा में दिखाई देगा.
5. सूर्य को अर्घ्य समर्पित करते समय दोनों भुजाओं को इतना ऊपर उठाएं कि जल की धारा में सूर्य का प्रतिबिंब दिखाई दे. सूर्य देव की आरती करें.सात प्रदक्षिणा करें व हाथ जोड़कर प्रणाम करें.
6. सुबह सवेरे उगते हुए सूर्य को प्रणाम करने और दर्शन करने से हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.हमारी दिनचर्या नियमित बनती है.कारोबार में सफलता प्राप्त होती है. इसके लिए प्रातः काल उठकर सूर्यदेव को नमन करना चाहिए|
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