Sunday Rules: मान्यताओं के अनुसार, रविवार को शॉपिंग करने से घर की "फायर एनर्जी" पर असर पड़ सकता है। सूरज को एक चमकीला और एनर्जी वाला ग्रह माना जाता है, इसलिए इस दिन घर में कुछ खास चीज़ें लाना सूरज की एनर्जी के साथ मेल नहीं खा सकता है। इसी वजह से, कई ज्योतिषी रविवार को घर में सिर्फ़ ज़रूरी और शुभ चीज़ें लाने की सलाह देते हैं। यह नियम धार्मिक होने के साथ-साथ मानसिक शांति और खुशहाली से भी जुड़ा माना जाता है।
रविवार को नमक लाना क्यों मना है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नमक चंद्रमा और शुक्र ग्रहों का फैक्टर है। रविवार सूरज का दिन है, और सूरज और शुक्र को दुश्मन ग्रह माना जाता है।
इस वजह से, रविवार को नमक खरीदने से झगड़ा, टेंशन और पैसे की दिक्कत हो सकती है।
घर के बड़े-बुज़ुर्ग भी मानते हैं कि इससे घर की शांति कम होती है।
ज्योतिष में तेल से जुड़े नियम:
रविवार को घर में तेल खरीदना या लाना अशुभ माना जाता है क्योंकि यह शनि ग्रह से जुड़ा है।
रविवार सूरज का दिन है और शनिवार शनि का दिन है—दोनों की एनर्जी उल्टी होती है।
ऐसा माना जाता है कि रविवार को तेल लाने से खर्च बढ़ सकता है, सेहत पर असर पड़ सकता है और घर में टेंशन बढ़ सकती है।
यह परंपरा सिर्फ़ धार्मिक ही नहीं बल्कि एनर्जी बैलेंस पर भी आधारित है।
लोहे की चीज़ें लाने पर रोक:
लोहा शनि ग्रह से जुड़ा है।
रविवार सूर्य का दिन होता है और सूर्य-शनि का रिश्ता कम अच्छा माना जाता है।
इसी वजह से, रविवार को घर में लोहे की चीज़ें लाने से रुकावटें, काम में देरी और दिमागी बेचैनी होती है। धार्मिक शास्त्रों में इसे "एनर्जी कॉन्फ्लिक्ट" कहा जाता है।
लकड़ी और कोयला लाने पर रोक:
लकड़ी और कोयला दोनों ही आग वाली और भारी एनर्जी वाली चीज़ें मानी जाती हैं।
रविवार सूर्य देव का दिन होता है और सूर्य की एनर्जी पहले से ही तेज़ होती है।
ऐसे में घर में भारी या आग वाली चीज़ें लाने से घर के माहौल में इम्बैलेंस, चिड़चिड़ापन और गलत फैसले होने की संभावना बढ़ जाती है। वास्तु शास्त्र भी इसे एनर्जी कॉन्फ्लिक्ट मानता है।
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