Shardiya Navratriज्योतिष न्यूज़: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है लेकिन नवरात्रि को बहुत ही खास माना गया है जो कि देवी साधना का महापर्व होता है इस दौरान भक्त देवी मां दुर्गा की विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं मान्यता है कि ऐसा करने से माता रानी की कृपा बरसती है
इस साल शारदीय नवरात्रि का आरंभ 3 अक्टूबर दिन गुरुवार आरंभ हो चुका है और इसका समापन 11 अक्टूबर को हो जाएगा। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा अर्चना की जाती है और व्रत आदि भी रखा जाता है माना जाता है कि ऐसा करने से शुभ फलों में वृद्धि होती है।
नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित है। ऐसे में आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा मां चंद्रघंटा का स्वरूप बता रहे हैं, तो आइए जानते हैं।
 मां चंद्रघंटा का स्वरूप—
मां दुर्गा का तीसरा रूप और शक्ति मां चंद्रघंटा है इनकी नवरात्रि के तीसरे दिन पूजा अर्चना की जाती है। इस स्व्रूप में माता चंद्रघंटा युद्ध मुद्रा में सिंह पर विराजमान है। माता के माथे पर घंटे के आकार में अर्धचंद्र होने के कारण ही इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
 माता के दस हाथों में त्रिशूल, गदा, धनुष, तलवार समेत कई अन्य शस्त्र हैं। देवी का मंगल ग्रह से संबंध माना गया है। मान्यता है कि नवरात्रि के तीसरे दिन अगर मां चंद्रघंटा की विधिवत पूजा अर्चना की जाएं तो देवी मां की असीम कृपा बरसती है और दुख परेशानियों का अंत हो जाता है।
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