Shardiya Navratri ज्योतष न्यूज़: शारदीय नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ शारदीय नवरात्रि आरंभ होती है। इस दौरान मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इसके साथ ही कुछ घरों में कलश स्थापना से लेकर अखंड ज्योति प्रज्वलित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार के दिन शारदीय नवरात्रि होने के कारण मां दुर्गा हाथी में सवार होकर आगमन करेगी। पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर को रात से आरंभ हो रही हैं, जो 11 अक्टूबर को रात को समाप्त हो रही है। ऐसे में लोगों के बीच शारदीय नवरात्रि आरंभ होने की तिथि को लेकर असमंसज की स्थिति बनी हुई है। आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि की सही तिथि से लेकर कलश स्थापना का समय और पूजा विधि…
कब से आरंभ हो रही शारदीय नवरात्रि?
द्रिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 09:19 बजे पर आरंभ हो रही हैं, जो 11 अक्टूबर को रात 09:31 बजे पर समाप्त हो रही है। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से हो रही है।
शारदीय नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त 2026
द्रिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि पर कलश स्थापना के लिए दो शुभ योग बन रहे हैं। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के दौरान पड़ रहा है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना करते समय इन दोनों से बचने की सलाह दी हई है। हालांकि, उन्हें हर परिस्थिति में पूर्ण रूप से वर्जित नहीं माना जाता है। इसलिए घटस्थापना करते समय शहर के स्थानीय पंचांग में मुहूर्त देखें या पंडित से सलाह ले लें।
घटस्थापना मुहूर्त – 06:19 ए एम से 10:12 ए एम
अवधि – 03 घण्टे 52 मिनट
घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – 11:44 ए एम से 12:31 पी एम
अवधि – 00 घण्टे 46 मिनट
शारदीय नवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – 11:50 एएम– 12:36 पीएम
अमृत काल – 03:53 पीएम– 05:32 पीएम
ब्रह्म मुहूर्त – 04:50 एएम– 05:38 एएम
चित्रा नक्षत्र- 10 अक्टूबर 2026 को 09:42 पी एम बजे आरंभ होकर 11 अक्टूबर 2026 को 10:32 पी एम बजे तक
वैधृति योग 10 अक्टूबर, 2026 को 10:02 पी एम बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर 2026 को 09:05 पी एम बजे तक
द्विपुष्कर योग – 11 अक्टूबर 09:31 पीएम- 11 अक्टूबर 10:32 पीएम
मां दुर्गा के इन स्वरूपों की होगी पूजा
शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने का विधान है। जो शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री है।
शारदीय नवरात्रि 2026 सरल पूजा विधि
शारदीय नवरात्रि के दौरान घटस्थापना करना अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर इस बार आप भी दुर्गा पूजा करने के साथ कलश स्थापना कर रहे हैं, तो ऐसे सरल विधि से पूजा कर सकते हैं।
सबसे पहले एक लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और उस पर मां दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके पश्चात प्रथम पूज्य भगवान गणेश का ध्यान करके कलश स्थापना प्रारंभ करें। इसके साथ ही शुद्ध मिट्टी में जौ मिलाकर चौकी के पास रखें। मिट्टी के कलश में जल और गंगाजल भरें। उसमें लौंग, हल्दी की गांठ, सुपारी, दूर्वा और एक रुपए का सिक्का डालें। कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते रखें और मिट्टी या अन्य धातु की कटोरी से बंद करें। कटोरी पर गेहूं या चावल भरें। यदि नारियल स्थापित कर रहे हों, तो उस पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर लाल कपड़ा लपेटें और कलावा से बांध दें। इसके बाद कलश और मां दुर्गा की विधिवत पूजा कर व्रत का संकल्प लें। मां शैलपुत्री की आराधना करते समय सफेद फूल, माला, सिंदूर, कुमकुम, अक्षत अर्पित करें। मां को सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। घी का दीपक और धूप जलाकर करने के बाद मां शैलपुत्री मंत्र, दुर्गा स्तोत्र, कवच आदि का पाठ करें। अंत में आरती उतारकर अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
शारदीय नवरात्रि 2026 कैलेंडर
शारदीय नवरात्रि की तिथियां दिन / तिथि पूजा / पर्व
11 अक्टूबर 2026 प्रतिपदा मां शैलपुत्री
12 अक्टूबर 2026 द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी
13 अक्टूबर 2026 तृतीया मां चंद्रघंटा
14 अक्टूबर 2026 चतुर्थी मां कूष्मांडा
15 अक्टूबर 2026 पंचमी मां स्कंदमाता
16 अक्टूबर 2026 षष्ठी मां कात्यायनी
17 अक्टूबर 2026 सप्तमी मां कालरात्रि
18 अक्टूबर 2026 सप्तमी मां कालरात्रि
19 अक्टूबर 2026 अष्टमी, नवमी मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री
20 अक्टूबर 2026 दशमी दशहरा, विजयादशमी