Shani Dosh: शनि दोष से मुक्ति पाने का सबसे उत्तम अवसर, दशहरे पर अपनाएं ये उपाय
Shani Dosh: दशहरा, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है और प्रमुख त्योहारों में से एक है। हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन रावण का पुतला बनाकर उसका दहन किया जाता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि संबंधी दोष हैं, उनके लिए दशहरा बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। इस दिन इन दोषों को दूर करने के लिए आपको कुछ विशेष उपाय करने चाहिए। आइए जानते हैं इनसे मुक्ति पाने के उपाय।
दशहरे पर शनि दोष निवारण उपाय:
जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष है, उन्हें दशहरे पर शमी के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, दशहरे पर घर के उत्तर-पूर्व दिशा में शमी का वृक्ष लगाना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इससे कुंडली में मौजूद शनि दोष दूर होता है।
शनि देव और हनुमान की पूजा:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान भक्तों को प्रतिदिन नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से शनि दोष के प्रभाव से रक्षा होती है। यदि कुंडली में शनि दोष है, तो दशहरे पर शनिदेव और हनुमानजी की पूजा करना आवश्यक है।
तेल का दीपक:
जिन लोगों की कुंडली में शनि संबंधी दोष है, या जो शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित हैं, उनके लिए दशहरे पर सरसों के तेल का दीपक जलाने से राहत मिलती है। ऐसा माना जाता है कि इससे शनि ग्रह के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
नारियल का उपाय:
नारियल को हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। दशहरे पर रावण दहन के दौरान, पानी से भरा एक नारियल लें और उसे अपने सिर के ऊपर से 21 बार घुमाकर गिरा दें। ऐसा कहा जाता है कि इस उपाय से शनि दोष दूर होता है और सुख-समृद्धि आती है।
रामचरितमानस का पाठ:
कुंडली में शनि दोष को दूर करने और इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए, दशहरे पर घर में सुंदरकांड और रामचरितमानस का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है।