Sankashti Chaturthi 2025 :आज है विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी, इस विधि से करें पूजा, जानें पूजा और शुभ मुहूर्त
Sankashti Chaturthi 2025: आज देशभर में विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस साल यह तिथि 10 सितंबर को दोपहर 3:37 बजे से शुरू होकर 11 सितंबर को दोपहर 12:45 बजे तक रहेगी. इस मौके पर भक्त भगवान गणेश के अष्टविनायक स्वरूपों में से सातवें स्वरूप विघ्नराज की पूजा कर रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गणपति बप्पा के विघ्नराज स्वरूप की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्नों का नाश होता है और कार्यों में सफलता मिलती है. वहीं, आज देशभर के मंदिरों में विशेष सजावट और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है. भक्तों का मानना है कि विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. आइए खबर में विस्तार से जानते हैं विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि|
चंद्रोदय का समय:
आज संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय रात 8:06 बजे होगा। व्रत और पूजा के बाद भक्त चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करेंगे।
संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि:
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
फिर घर के पूजा कक्ष को गंगाजल से शुद्ध करें और एक वेदी पर लाल कपड़ा बिछाएँ।
फिर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
इसके बाद हाथ में जल और चावल लेकर व्रत का संकल्प लें।
फिर विधि-विधान से भगवान गणेश का अभिषेक करें।
उनके सामने घी का दीपक जलाएँ।
उन्हें रोली, लाल फूल, दूर्वा और चंदन अर्पित करें।
लड्डू और मिठाई का भोग लगाएँ।
भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें।
संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा सुनें.
अंत में विधि-विधान से भगवान गणेश की आरती करें।
फिर रात के समय चंद्र देव के दर्शन करें और उन्हें जल अर्पित करें।
व्रत के मुख्य मंत्र:
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ विघ्नराजाय नमः
प्रणम्य शीर्ष देवं गौरीपुत्रं विनायकम्।