धर्म: शिव चालीसा से भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न किया जा सकता है। कहा जाता है कि जो लोग सच्चे मन से शिव की पूजा करते हैं उन पर उनकी विशेष कृपा होती है। सोमवार का दिन भगवान शंकर की पूजा के लिए खास दिन होता है। इस दिन कई भक्त शिव मंदिर में दर्शन करने आते हैं। वैसे तो भोलेनाथ सच्चे मन से याद करने पर भी भक्तों की पुकार सुन लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो भक्त नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करता है, उसे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों में शिव चालीसा का पाठ करने के कई नियम भी बताए गए हैं। खासकर सप्ताह के सोमवार को शिव चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए। तो फिर देर किस बात की आइए जानते हैं शिव चालीसा का पाठ कैसे करना चाहिए।
इस तरह करें शिव चालीसा का पाठ:
शिव चालीसा का पाठ हमेशा सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद ही करना चाहिए।
स्वच्छ कपड़े पहनकर शिव चालीसा का पाठ करें।
पाठ करते समय अपना मुख पूर्व दिशा की ओर रखें।
पाठ करने से पहले भगवान शिव की तस्वीर स्थापित करें और तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं।
फोटो के पास तांबे के बर्तन में गंगाजल मिला साफ पानी रखें।
पूजा में धूप, दीप, सफेद चंदन, माला और 5 सफेद फूल रखें।
प्रसाद के रूप में मिश्री का प्रयोग करें।
इसके बाद शिव चालीसा का पाठ शुरू करें।
शिव चालीसा का पाठ जोर-जोर से करें क्योंकि इसे सुनने वाले लोगों की संख्या भी इससे लाभान्वित होगी।
जय गणेश गिरिजा सुवन,
मंगल मूल सुजान ।
कहत अयोध्यादास तुम,
देहु अभय वरदान ॥
नित्त नेम कर प्रातः ही,
पाठ करौं चालीसा ।
तुम मेरी मनोकामना,
पूर्ण करो जगदीश ॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु,
संवत चौसठ जान ।
अस्तुति चालीसा शिवहि,
पूर्ण कीन कल्याण ॥