धर्म: आषाढ़ की पहली संकष्टी चतुर्थी पर करें इन चीजों का दान, घर में बनी रहेगी खुशियां
धर्म: आषाढ़ माह की पहली संकष्टी चतुर्थी को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. जिसका अपना अलग महत्व है. संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है, और इस दिन उनकी पूजा और दान करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि व खुशहाली बनी रहती है. इसके अलावा भगवान गणेश की कृपा से लोगों को करियर कारोबार में तरक्की, नौकरी में सफलता प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है|
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 जून दिन शनिवार को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट से शुरू होगी और 15 जून को दोपहर 3 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, आषाढ़ की पहली संकष्टी चतुर्थी 14 जून दिन शनिवार को मनाई जाएगी|
संकष्टी चतुर्थी पर इन चीजों का करें दान:
मोदक या लड्डू: भगवान गणेश को मोदक और लड्डू अधिक प्रिय हैं. इस दिन मोदक या बेसन के लड्डू बनाकर या खरीदकर दान करना बहुत शुभ होता है. इससे भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं, विशेषकर बुद्धि और विद्या में वृद्धि होती है.
दूर्वा घास: दूर्वा भगवान गणेश को सबसे प्रिय है. संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के बाद 21 गांठ वाली दूर्वा घास का दान करना शुभ माना जाता है. आप किसी गौशाला में गायों को खिला सकते हैं या मंदिर में अर्पित कर सकते हैं. यह दुर्भाग्य को दूर करता है और घर में सौभाग्य लाता है.
वस्त्र (विशेषकर हरे या पीले रंग के): भगवान गणेश को हरे और पीले रंग के वस्त्र प्रिय हैं. किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को हरे या पीले रंग के वस्त्र दान करें. आप किसी मंदिर के पुजारी को भी वस्त्र दान कर सकते हैं. यह आपके जीवन में सकारात्मकता लाता है और आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है|
गुड़ और घी: भगवान गणेश को गुड़ और घी का भोग प्रिय है. किसी मंदिर में या गरीबों को गुड़ और घी का दान करें. आप गुड़ और घी से बनी कोई मिठाई भी दान कर सकते हैं. यह जीवन में मिठास लाता है और बाधाओं को दूर करता है|
लाल फूल या लाल वस्त्र: लाल फूल (जैसे गुड़हल) या लाल वस्त्र किसी मंदिर में गणेश जी को अर्पित करें या किसी कन्या को दान करें. यह मंगलकारी होता है और आपकी इच्छाओं की पूर्ति में सहायक होता है.
अन्न का दान: अन्न दान हमेशा शुभ होता है. इस दिन गरीब और भूखे लोगों को अन्न (जैसे चावल, दाल, आटा) दान करें. इससे घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं होती और खुशहाली बनी रहती है|
काले तिल: संकष्टी चतुर्थी पर काले तिल का दान राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को कम करता है और दुर्भाग्य को दूर करता है. काले तिल का दान गरीबों को या किसी मंदिर में करें|
आपको दान करते समय ध्यान रखना होगा कि दान हमेशा पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ करें. दान गुप्त रूप से करना अधिक फलदायी माना जाता है. किसी भी प्रकार के फल की इच्छा रखे बिना निस्वार्थ भाव से दान करें. दान हमेशा योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति को ही करें. आषाढ़ की पहली संकष्टी चतुर्थी पर इन चीजों का दान करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं, आपकी सभी बाधाएं दूर होती हैं, और आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है|