Religion धर्म : इस साल 2025 में नाग पंचमी 5 अगस्त को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष महत्व है, जिसे नागों की पूजा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से कालसर्प दोष के निवारण के लिए पूजा की जाती है और कुछ खास मंत्रों का उच्चारण करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
विशेष रूप से, "नाग पंचमी" पर कालसर्प दोष को दूर करने के लिए एक विशेष मंगलकारी स्तोत्र का पाठ किया जाता है। यह स्तोत्र नाग देवता की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है और इसके जाप से व्यक्ति के जीवन में आने वाली सभी परेशानियाँ समाप्त हो सकती हैं। कालसर्प दोष उस स्थिति को कहा जाता है जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, जिससे व्यक्ति को जीवनभर संघर्ष और समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दोष को शांत करने के लिए पवित्र धार्मिक विधियाँ और मंत्र जाप महत्वपूर्ण होते हैं, और नाग पंचमी पर इनका उच्चारण विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
नाग पंचमी पर पूजा के समय यदि इस विशेष स्तोत्र का पाठ किया जाए, तो व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और कालसर्प दोष का प्रभाव भी कम हो जाता है। इस स्तोत्र का पाठ घर में करने से न केवल कालसर्प दोष समाप्त होता है, बल्कि नाग देवता की कृपा से संपत्ति और वैभव की प्राप्ति भी होती है।
नाग स्तोत्र: ॐ नमो भगवते वासु देवा,
नमः शिवाय चन्द्राय,
शंकराय महादेवाय,
मंगलाय कालग्नाय।
नागराजाय पालतव्य,
विष्णुं कश्यपसंस्तुतं,
तस्मै शंकरय प्राह्णं,
प्रणतोऽस्मि सर्वकर्मण।