Putrada Ekadashi: जरूर करें ये उपाय, भगवान हरि भर देंगे खुशियों से झोली

Update: 2025-08-03 01:17 GMT
Putrada Ekadashi: अभी सावन का पावन पर्व चल रहा है, यह महीना भोलेनाख व उनके परिवार की उपासना के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, सावन में भगवान विष्णु से जुड़े व्रत और त्योहार भी आते हैं, जैसे एकादशी तिथि। यह तिथि भगवान विष्णु को सर्मपित है, मान्यता है कि इस तिथि पर व्रत, दान-पुण्य जैसे शुभ काम करने पर संतान सुख और पुत्र प्राप्ति के योग बनते हैं। कहा जाता है कि पुत्रदा एकादशी पर गाय को चारा खिलाने से संतान के उज्जवल भविष्य का भी आशीष मिलता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष तिथि की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है।
कब है पुत्रदा एकादशी 2025?
सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 4 अगस्त को सुबह 11.41 बजे आरंभ होगी, जो 5 अगस्त की दोपहर 01.12 बजे तक रहेगी। चूंकि उदया तिथि की मान्यता के कारण 5 अगस्त को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। वहीं, अगले दिन 6 अगस्त की सुबह 05.45 बजे से 08.26 बजे तक व्रत पारण किया जाएगा।
पुत्रदा एकादशी के उपाय?
पुत्रदा एकादशी के दिन आप तुलसी के पौधे के निकट गाय के घी का दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी। धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।। लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्। तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।। मंत्र का जप करें।
इसके साथ इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को मखाने की खीर का भोग लगाएं, इससे साधक को संतान की प्राप्ति के योग बनेंगे।
भगवान विष्णु को पूजा के दौरान तुलसी दल अर्पित करें, इससे आपके संतान के जीवन से सारे दुख खत्म हो जाएंगे।
Tags:    

Similar News