Putrada Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व माना जाता है। इस दिन श्री हरि भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साल में कुल 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं, जिनमें हर महीने 2 व्रत आते हैं। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी व्रत संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है। अगर निःसंतान दंपत्ति पूरी श्रद्धा से इस व्रत को करें, तो भगवान विष्णु का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है।
वर्ष 2025 में पुत्रदा एकादशी व्रत 5 अगस्त, मंगलवार को रखा जा रहा है। एकादशी व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है। अर्थात पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण 6 अगस्त 2025, बुधवार को किया जाएगा। एकादशी व्रत का समापन पारण कहलाता है।
पुत्रदा एकादशी 2025 व्रत पारण:
6 अगस्त को व्रत पारण का समय सुबह 5:45 बजे से 8:26 बजे तक रहेगा।
पारण तिथि के दिन द्वादशी तिथि समाप्त होने का समय दोपहर 2:08 बजे होगा।
पुत्रदा एकादशी का व्रत वर्ष में दो बार रखा जाता है। यह व्रत पौष और श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। एकादशी व्रत जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही इस व्रत का पारण भी महत्वपूर्ण है।
एकादशी व्रत पारण नियम:
एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है।
द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले एकादशी व्रत का पारण करना महत्वपूर्ण है।
यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गई है, तो एकादशी व्रत सूर्योदय के बाद ही तोड़ा जाता है।
व्रत तोड़ने का सबसे उपयुक्त समय सुबह का है।