मोर पंख से रुकता है फिजूलखर्ची
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में मोरपंख रखना चाहिए
मोरपंख का हिंदू धर्म में तो बहुत महत्व है ही, साथ ही वास्तु में भी इसे लेकर खास मान्यता है। बता दें कि भगवान श्री कृष्ण हमेशा अपने मुकुट में मोर का पंख लगाए रखते थे। हालांकि आज हम इसके धार्मिक महत्व के बारे में नहीं बल्कि वास्तु महत्व के बारे में बात करेंगे। मान्यता है कि मोर के पंख को घर के कुछ कोनों में रखा जाए तो इससे घर में बरकत आती है। सुख-समृद्धि और धन-धान्य से घर भर जाता है। तो चलिए जानते हैं मोरपंख के वास्तु महत्व के बारे में।
दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से होता है लाभ
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में मोरपंख रखना चाहिए। मोरपंख घर में रखने से देवी-देवताओं का आगमन होता है। इसी वजह से घर में मोरपंख को रखना शुभ माना जाता है। देवी-देवताओं के वास के साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार अधिक होने लगता है। इसे हमेशा घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में ही रखा जाना चाहिए। इससे घर में सुख-शांति आती है।
मोरपंख से रुकता है फिजूलखर्च
व्यक्ति जितना कमाता है उतना ही उड़ाता है। कई बार तो चाह कर भी वह अपने हाथों पर लगाम नहीं लगा पाते हैं। यदि आपके हाथ में भी पैसे नहीं रुक रहे हैं तो आप भी अपने घर में मोरपंख लगाइए। इससे घर में बरकत बनी रहती है और फिजूलखर्ची रुकती है। माना जाता है कि इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाने से घर के फिजूलखर्च पर लगाम लगता है।
रिश्ते होते हैं मजबूत
वास्तु शास्त्र की मानें तो मोरपंख घर में रखने से पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है। यदि किसी न किसी वजह से घर में हमेशा मनमुटाव बना रहता है तो मोरपंख से फायदा मिलता है। मोरपंख को घर में लाने से आपसी मतभेद मिट जाते हैं। इसके साथ ही रिश्ते में प्रेम भाव आ जाता है। इसे बेडरूम की पूर्व दिशा में लगाना चाहिए तो रिश्ते मधुर होते हैं।