मां ब्रह्मचारिणी को लगाएं पंचामृत का भोग, जाने रेसिपी

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन मां के इस स्वरूप को शक्कर और पंचामृत का भोग लगाया जाता है। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति को लंबी आयु का वरदान मिलता है।

Update: 2022-09-27 05:09 GMT

 नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन मां के इस स्वरूप को शक्कर और पंचामृत का भोग लगाया जाता है। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति को लंबी आयु का वरदान मिलता है। पंचामृत का सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्व नहीं है बल्कि इसका सेवन करने से व्यक्ति को सेहत से जुड़े कई लाभ भी मिलते हैं। आइए जानते हैं क्या है पंचामृत बनाने का सही तरीका और इससे मिलने वाले फायदे।

पंचामृत बनाने के लिए सामग्री-

गाय का दूध- 1 गिलास

गाय का दही- 1 गिलास

गाय का घी- 1 चम्मच

शहद- 3 चम्मच

मिश्री अथवा शक्कर- स्वादानुसार

कटे हुए तुलसी के पत्ते- 10

कटे हुए मखाने- ड्राई फ्रूट्स - 20

पंचामृत बनाने की विधि-

पंचामृत बनाने के लिए सबसे पहले दही, दूध, एक चम्मच शहद, घी और चीनी को एक बर्तन में डालकर अच्छी तरह मथ लें। आप चाहे तो इन सब चीजों को मिक्सी में डालकर भी चला सकती हैं।

इसके बाद इसमें तुलसी के 8 से 10 पत्ते डालने के बाद कटे हुए मखाने और ड्राई फ्रूट्स मिलाएं। श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए आपका पंचामृत बनकर तैयार हो चुका है।

पंचामृत के फायदे-

1-यह पित्त दोष को बैंलेस करता है।आयुर्वेद के अनुसार इसका सेवन करने से पित्त दोष को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

2-पंचामृत इम्यून सिस्टम में सुधार करता है

3-यादाश्त को बढ़ाता है और रचनात्मक क्षमताओं को बढ़ावा देता है।

4-यह स्कीन के लिए भी काफी फायदेमंद हैं।

5-बालों को स्वस्थ रखता है।

6- आयुर्वेद की मानें तो अगर प्रेग्नेंसी के दौरान इसका सेवन किया जाए तो यह मां और भ्रूण दोनों स्वस्थ रहते हैं।


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