Nirjala Ekadashi 2025: साल की सबसे बड़ी एकादशी पर करें इन चीजों का दान, बनने लगेंगे बिगड़े काम
Nirjala Ekadashi 2025: दरअसल, ज्येष महीना भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है। इस माह लगातार गर्मी का तापमान बढ़ने से लोगों के शरीर में पानी की कमी सहित कई अन्य समस्याएं होने लगती हैं। लेकिन फिर भी भक्तजन प्रभु की कृपा प्राप्ति के लिए निर्जला एकादशी का उपवास रखते हैं जिसके प्रभाव से उनके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आते हैं। वहीं इस दिन कुछ खास चीजों का दान करना और भी शुभ होता है। इससे साधक की सभी परेशानियां दूर और उसे मोक्ष मिलता है। आइए इनके बारे में जानते हैं। इस साल 6 जून 2025 को निर्जला एकादशी है। इस दिन पूजा-पाठ व व्रत रखने पर साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा सालभर की एकादशियों के समान फल प्राप्त होता है। धार्मिक ग्रंथों में निर्जला एकादशी को साल की सबसे बड़ी एकादशी के रूप में माना जाता है।
कब है निर्जला एकादशी ?
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 6 जून 2025 को रात 2 बजकर 15 मिनट पर आरंभ हो रही है। इसका समापन 7 जून को सुबह 4 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में निर्जला एकादशी का व्रत 6 जून 2025 के दिन रखा जाएगा।
निर्जला एकादशी पर करें इन चीजों का दान:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी के दिन फलों का दान करना चाहिए। यह बहुत शुभ होता है और इसके प्रभाव से जातक के सभी रुके काम बनने लगते हैं।
निर्जला एकादशी पर आप अनाज का दान कर सकते हैं। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा साधक के सुख-सौभाग्य में वृद्धि भी होती हैं।
जीवन में वस्त्र का दान सबसे बड़ा दान होता है। इसलिए निर्जला एकादशी पर आप क्षमतानुसार वस्त्रों का दान कर सकते हैं। यह भाग्य में वृद्धि और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
निर्जला एकादशी का व्रत ज्येष्ठ माह में रखा जाता है, जो भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है। ऐसे में पंखा, खरबूजा, गुड़, बिस्तर और छाता दान कर सकते हैं।
निर्जला एकादशी साल की सबसे बड़ी एकादशी है। इस दिन पानी ग्रहण करना मना होता है। परंतु इस तिथि पर जल दान करना अत्यंत ही शुभ माना गया है। आप इस दिन एक मिट्टी के साफ कलश में जल भरकर उसका दान करें।