किचन में भूलकर भी खाली न होने दें ये 5 चीजें, धार्मिक मान्यताओं में बताया गया है महत्व
घर की रसोई में इन चीजों की कमी को माना जाता है अशुभ, मां अन्नपूर्णा से जुड़ी मान्यता जानें
किचन वास्तु टिप्स: हमारे वास्तु शास्त्र और सनातन धर्म में किचन को घर की सबसे पवित्र मान्यता में से एक माना गया है। इंस्टीट्यूशन के अनुसार, हमारे घर के किचन में ही मां अन्नपूर्णा का वास होता है,प्रोग्राम से हमारे जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है। वास्तु शास्त्र की अगर वास्तु शास्त्र, तो आपके किचन में रची हुई हर एक चीज का डायरेक्टिव फैमिली मेंबर्स की हेल्थ और नेवेशन कंडीशन पर है। अक्सर ऐसा होता है कि हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिसकी वजह से मां अन्नपूर्णा नाराज हो जाती हैं। यदि आप समय रहते इन असहमत को सुधारते नहीं हैं, तो उपयोगी कारण से घर में कंगाली और दरिद्रता काफी तेजी से बढ़ती दिख रही है। अगर आप नहीं जानते कि आपके साथ ऐसा हो रहा है, तो आज का यह लेख पूरी तरह से आपके लिए ही होने वाला है। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी जरूरी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें आपको अपने किचन को भी पूरी तरह से खत्म नहीं करना है। तो उदाहरण के लिए, इन नी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
रसोई में कभी न ख़त्म होने वाला आँटा
वास्तु के अनुसार आपको किचन में प्लास्टिक का डिब्बा कभी भी खाली नहीं होना चाहिए। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे आटा पूरी तरह से खत्म हो जाने के बाद ही नया आटा पिसवाते हैं या फिर नए टुकड़े टुकड़े कर देते हैं। अगर आपकी भी यही आदत है, तो बताएं यह पूरी तरह से ही गलत आदत है। रेस्तरां के डिब्बा खाली होने से घर में धन-धान्य की कमी होती है और परिवार के मान-सम्मान की मांग होती है। इसलिए, जब नवीन में थोड़ा सा आटा बचा ही हुआ हो, उसी में नया आटा शेष भी शामिल है। इसके अलावा आपको प्लास्टिक के पोर्शन को कभी भी पूरी तरह से साफ-सुथरा नहीं करना चाहिए।
सबसे जरूरी होता है नमक
नमक के बिना आपकी रसोई अधूरी है और वास्तु में इसका महत्व सबसे ज्यादा माना गया है। नमक का सीधा असर राहु और केतु के दोषों से भी होता है। उदाहरण के लिए, रसोई में नमक का पूरी तरह से खत्म होना, घर में मौजूद परमाणुओं को रासायनिक रूप से अमिट करना है। इस घर के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ गया है और आपको दवाओं से जूडी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। हमेशा यही बात रहती है कि नमक खत्म होने से पहले ही नया फर्नीचर ले लिया जाए और नमक को हमेशा के लिए कांच के पोख में ही रख दिया जाए।
देवगुरु बृहस्पति का होता है हल्दी से संबंध
अगर आप असफल नहीं हैं तो बता दें हल्दी को हमेशा से ही धार्मिक दृष्टि से बहुत ही पवित्र माना जाता है। इसका संबंध देवगुरु बृहस्पति से होता है, जो भाग्य, समृद्धि और बुद्धि के कारक हैं। रसोई में हल्दी का समाप्त होना गुरु दोष प्राप्त होता है। इससे घर में चल रहे शुभ और मांगलिक उद्यमों में शेयर बाजार में ताला लगना बंद हो गया है। इसलिए, हल्दी की डिब्बी में हमेशा हल्की हल्दी का सामना करना पड़ता है।
शुक्र ग्रह और मां लक्ष्मी का है चावल से संबंध
वास्तु शास्त्र के अनुसार चावल का सीधा संबंध शुक्र ग्रह और मां लक्ष्मी से होता है। इसी कारण से पूजा-पाठ में अक्षत यानी कि चावल का महत्व होता है। रसोई में चावल का भंडार खाली होने से शुक्र ग्रह प्रभावित होता है, जिससे घर की सुख-सुविधाएं और ऐश्वर्य में कमी आती है। इसके अलावा चावल के अलावा पूरी तरह से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं, जिससे घर में कंगाली का खतरा बढ़ जाता है।
शनिदेव का दर्शन होता है सरसों का तेल
आपको शायद यह अप्रयुक्त न हो लेकिन, खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले तेल का सीधा संबंध शनि देव से होता है। अगर रसोई में इस्तेमाल होने वाला तेल पूरी तरह से खत्म हो जाए तो इससे शनि देव का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। ईसाई धर्म के अनुसार घर के काम में रुकावटें आ सकती हैं और बिजनेस या नौकरी में नुकसान हो सकता है। यह एक बड़ा कारण है कि तेल की व्यवस्था करने से पहले ही तेल खत्म हो जाना चाहिए।