जनता से रिश्ता वेबडेस्क। नौतपा (nautapa 2022) हर साल गर्मी के मौसम में आता है. वे 9 दिन जब सूरज धरती के करीब आ जाता है, जिसकी वजह से गर्मी सबसे ज्यादा पड़ती है. उसे नौतपा कहते है. ये 25 मई से शुरु हो रहा है और 2 जून, गरुवार तक रहेगा. रोहिणी नक्षत्र में आते ही पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है. इस समय प्रारंभ के 9 दिन सूर्य देव प्रचंड स्वरूप में रहते हैं और भीषण गर्मी का एहसास (Nautapa 2022 Importance) कराते हैं.
नौतपा का प्रभाव
धर्म शास्त्रों के मुताबिक, नौतपा के समय सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती है. जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है और गर्मी सबसे ज्यादा पड़ने लगती है. ऐसे मौसम में आंधी और तूफान आने की संभावना भी सबसे ज्यादा बनी रहती है. जिससे धन और जन के नुकसान की संभावनाएं भी बढ़ जाती है. ऐसे में लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार नौतपा के समय (nautapa 2022 effect) ग्रह एवं नक्षत्र की स्थिति भी अशुभ होती है.
नौतपा से बचाव के उपाय
1) नौतपा में आंधी तूफान आने की संभावना सबसे ज्यादा बनी रहती है. ऐसे में घर पर रुकना ज्यादा फायदेमंद होता है.
2) नौतपा के दौरान लोगों को धूप में निकलने से बचना चाहिए. उन्हें अपने सारे काम सुबह और शाम तक निपटा लेने चाहिए.
3) नौतपा ज्येष्ठ मास में होता है. ऐसे में लोगों को जल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए. हिंदू धर्म शास्त्रों में ज्येष्ठ मास में जल की महत्ता का वर्णन (nautapa 2022 upay) किया गया है.