Mohini Ekadashi 2025: मोहिनी एकादशी का व्रत आज 8 मई को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के बाद जब देव-दानवों में अमृत से भरा कलश पाने के लिए विवाद हो गया था, तब भगवान विष्णु ने मोहिनी नामक स्त्री का रूप धारण करके दानवों को मोहित कर लिया था और उनसे अमृत भरा कलश लेकर देवताओं के हवाले कर दिया था, जिसे पीकर सभी देवता अमर हो गए। कहते हैं विष्णु जी ने जब मोहिनी का रूप धारण किया था वह दिन वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी का था। इसलिए तभी से इस दिन को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाने लगा। बता दें कि एकादशी व्रत में पारण तिथि का विशेष महत्व है। एकादशी का पारण शुभ में ही किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि मोहिनी एकादशी का पारण कब किया जाएगा।
मोहिनी एकादशी 2025 का पारण कब किया जाएगा:
मोहिनी एकादशी का पारण 9 मई 2025 को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 6 मिनट से सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। व्रती इसी मुहूर्त में एकादशी का पारण कर सकते हैं। वहीं बता दें कि पारण तिथि के दिन द्वादशी तिथि समाप्त होने का समय दोपहर 2 बजकर 56 मिनट रहेगा। बता दें कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अति आवश्यक है। यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गयी हो तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के अंदर पारण न करना पाप करने के समान होता है।
मोहिनी एकादशी व्रत पूजा मुहूर्त:
वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ- 7 मई को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर
एकादशी तिथि समाप्त- 8 मई को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर
एकादशी का पारण सूर्योदय के बाद द्वादशी तिथि में ही करें।
पारण के दिन भी विष्णु जी की विधिपूर्वक पूजा करें और उन्हें भोग अर्पित करें।
इसके बाद एकादशी पारण के दिन अगर ब्राह्मण भोजन करा रहे हैं तो पहले उन्हें भोजन खिलाएं।
ब्राह्मण भोजन कराने के बाद व्रती पहले तुलसी ग्रहण करें इसके बाद ही भोजन करें।
पारण के दिन भी सात्विक आहार ही ग्रहण करें।
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