Mauni Amavasya 2025 Upay: इस साल मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान किया जाएगा. ऐसे में इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है. इसके अलावा इस दिन पितरों के लिए दीपदान करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है|
मौनी अमावस्या तिथि और शुभ मुहूर्त
इस बार मौनी अमावस्या बुधवार, 29 जनवरी को हैं. इस दिन स्नान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर शुरू हो रहा है. ये ब्रह्म मुहूर्त 6 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगा. ऐसे में इसी मुहूर्त में स्नान और दान करना शुभ रहेगा|
मौनी अमावस्या पर पितरों के लिए दीपक सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में किया जाता है. इस दिन प्रदोष काल का समय शाम 5 बजकर 58 मिनट तक हैं. इस दौरान पितरों के लिए दीपक जलाना शुभ फलदायी होता है|
कहां जलाएं दीपक?
मौनी अमावस्या के पर पितरों के लिए दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए, क्योंकि इसे पित्तरों की दिशा मानी गई है. कहते हैं इस दिशा में दीपक जलाने से पित्तर प्रसन्न होते हैं|
मौनी अमावस्या पर सूर्यास्त के बाद मिट्टी के दीपक को पानी से धोकर साफ कर लें. उसमें सरसों या तिल का तेल डाल लें और बाती गलाकर जलाएं. दीपक को घर के बाहर दक्षिण दिशा में रख दें. दीपक को पूरे रात जलने दें. इसके अलावा अगर घर में पितरों की तस्वीर है, तो उसके सामने भी एक दीपक जला सकते हैं|
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