Mahesh Navami 2025: इस तिथि को मनाई जाएगी महेश नवमी, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Update: 2025-05-30 03:27 GMT
Mahesh Navami 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित महेश नवमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से माहेश्वरी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भक्तजन भगवान शिव की विधिवत पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
– कब है महेश नवमी 2025:
इस वर्ष महेश नवमी का पर्व 4 जून 2025, बुधवार को मनाया जाएगा।
नवमी तिथि प्रारंभ: 3 जून 2025, रात 09:56 बजे
नवमी तिथि समाप्त: 4 जून 2025, रात 11:54 बजे
उदयातिथि (सुबह की तिथि) को महत्व देने की परंपरा के अनुसार, 4 जून को ही महेश नवमी का व्रत और पूजन किया जाएगा।
– महेश नवमी का महत्व:
महेश नवमी का दिन माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने माहेश्वरी समाज को प्रकट किया और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। यह पर्व समाज में भाईचारे और एकता को भी बढ़ावा देता है। भक्त इस दिन भगवान शिव से अपने दुखों को दूर करने और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
– महेश नवमी की पूजा विधि:
महेश नवमी के दिन भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। पूजा विधि निम्न प्रकार है:
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. घर के मंदिर को साफ-सुथरा करें और भगवान शिव एवं माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
3. चंदन, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें।
4. दीपक और धूप जलाकर भगवान को अर्पित करें।
5. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाएं।
6. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
7. महेश नवमी व्रत कथा का श्रवण करें या पाठ करें।
8. इच्छानुसार रुद्राभिषेक भी किया जा सकता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
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