Mahashivratri : भगवान शिव की सबसे ऊंची प्रतिमा, जानें इसकी खासियत

Update: 2025-02-18 13:28 GMT
Mahashivratri  ज्योतिष न्यूज़ : हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास में पड़ता है। ऐसे में इस बार महाशिवरात्रि का पावन उत्सव 26 फरवरी दिन बुधवार को मनाया जाएगा।
इस दिन भक्त भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं मान्यता है कि ऐसा करने से शिव की कृपा बरसती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर हम आपको देश दुनिया की सबसे विशाल शिव प्रतिमाओं के बारे में बता रहे हैं, तो आइए जानते हैं।
दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा—
आपको बता दें कि राजस्थान के राजसमंद में श्रीनाथ जी पावन धरा पर दुनिया की सबसे ऊंची महादेव की प्रतिमा विश्वास स्वरूपम है।
आपको बता दें कि भगवान शिव की यह भव्य प्रतिमा 369 फीट ऊंची है और 51 बीघा की पहाड़ी पर बनी हुई है। यहां भगवान शिव की प्रतिमा ध्यान और अल्हड़ मुद्रा में स्थित है। नाथ द्वारा की यह शिव प्रतिमा इतनी विशाल है कि करीब 20 किलोमीटर दूर से ही नजर आने लगती है।
दुनिया के दूसरे नंबर की शिव प्रतिमा कर्नाटक के मुरुंदेश्वर खेत्र में विराजमान है। यहां भगवान शिव पद्मासन की मुद्रा में मुरुंदेश्वर मंदिर के बाहर स्थापित है। शिव की यह प्रतिमा 123 फीट ऊंची है जो कि कंडुक गिरि नाम के पर्वत पर है और तीना ओर से जल से घिरी हुई है। शिव की तीसरी सबसे ऊंची प्रतिमा आदियोगी की है जो कि तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित है। यह विशाल प्रतिमा 112 फीट ऊंची है। यह दुनिया में शिव की सबसे बड़ी बस्ट स्टैच्यू है। बता दें कि महादेव की यह प्रतिमा स्टील से बनी हुई है और इसका वजह करीब 500 टन है।
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