Magh Mela 2026: जानिए मकर संक्रांति पर क्या है स्नान का शुभ मुहूर्त और महत्व
Magh Mela 2026: प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला हिंदू धर्म का एक प्रमुख और प्राचीन आयोजन है, जो 45 दिनों तक चलता है। माघ मेले का दूसरा प्रमुख स्नान मकर संक्रांति के अवसर पर किया जाता है, जो वर्ष 2026 में 14 जनवरी को पड़ेगा। मकर संक्रांति को सभी संक्रांतियों में विशेष स्थान प्राप्त है, क्योंकि इसी दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माघ मेले में गंगा स्नान करना हजारों यज्ञों के समान पुण्य प्रदान करता है। साथ ही दान, त्याग और साधना का फल भी कई गुना बढ़ जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी का संयोग भी बन रहा है, जिससे स्नान का पुण्य दोगुना माना जा रहा है।
माघ मेले का दूसरा प्रमुख स्नान क्यों है खास?
मकर संक्रांति देवताओं का दिन माना जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने से इसी दिन से शुभ और मंगलकारी समय शुरू होता है। इस अवसर पर गंगा स्नान से पापों का नाश और आत्मा की शुद्धि होती है और दान-पुण्य और जप का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण माघ मेले में मकर संक्रांति स्नान श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
मकर संक्रांति स्नान का शुभ मुहूर्त 2026:
महापुण्य काल
दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:20 बजे तक
इस समय किए गए स्नान, दान और पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
ब्रह्म मुहूर्त स्नान:
सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक
शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान करने से विशेष पुण्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
मकर संक्रांति स्नान का धार्मिक महत्व:
मकर संक्रांति के अवसर पर संगम में स्नान करने से पापों और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।
मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
जीवन में सुख-समृद्धि और नई शुरुआत होती है।
स्नान के साथ दान, पूजा, जप और भजन-कीर्तन करने से पुण्य और बढ़ जाता है।
माघ मेले में होने वाले प्रमुख स्नान 2026:
पौष पूर्णिमा स्नान- 3 जनवरी 2026
मकर संक्रांति स्नान- 14 जनवरी 2026
माघी पूर्णिमा स्नान- 17 जनवरी 2026
मौनी अमावस्या स्नान- 18 जनवरी 2026