Krishnapingal Sankashti Chaturthi: आज कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी के दिन करें ये उपाय, पूरी होगी हर मनोकामना
Krishnapingal Sankashti Chaturthi: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। 14 जून यानी की आज कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है। इस दिन देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी की पूजा करने का विधान है। माना जाता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन बप्पा की सच्चे मन से पूजा करने और व्रत रखने से इच्छाओं की पूर्ति होती है और शारीरिक और मानसिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। इस दिन पर चंद्र दर्शन करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। साथ ही इस दिन गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय और उनके नामों और मंत्रों का भी जाप किया जाता है। तो आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी पर किए जाने वाले उपायों के बारे में-
भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं:
संकष्टी चतुर्थी के दिन 21 दूर्वा की गठरी गणेश जी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। यह उपाय बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।
चंद्रमा को अर्घ्य दें:
संकष्टी चतुर्थी की रात चंद्रमा को जल चढ़ाकर अर्घ्य देना व्रत की पूर्णता का संकेत होता है। इससे मानसिक तनाव कम होता है और सौभाग्य बढ़ता है।
मोदक का भोग लगाएं:
गणेश जी को मोदक बहुत प्रिय हैं। मोदक बनाकर या बाजार से लाकर उन्हें भोग लगाएं। माना जाता है कि इससे मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
गणेश जी के मंत्रों का जाप करें:
"ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा" मंत्र का जाप करें। यह विशिष्ट गणेश मंत्र है जो विशेष इच्छाओं की पूर्ति में सहायक होता है। इसका 108 बार जाप करें।
गरीबों को भोजन कराएं या फल दान करें:
इस दिन दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। किसी जरूरतमंद को भोजन, फल या वस्त्र देने से जीवन में सुख-शांति आती है।