Surya grahan जान लीजिए इसकी बड़ी वजह

Update: 2025-03-05 12:22 GMT
Surya grahan ज्योतिष न्यूज़ : सनातन धर्म में ग्रहण को बेहद ही अशुभ माना गया है जोकि एक खगोलीय घटना होती है। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के ​शुभ अशुभ प्रभाव देखने को मिलते हैं ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रहण लगने का कारण राहु केतु माना गया है।
धार्मिक नजरिए से अगर देखा जाए तो इसे बेहद ही अशुभ समय माना गया है मान्यता है कि ग्रहण काल के दौरान वातावरण में नकारात्मकता अधिक हो जाती है इसी कारण ग्रहण काल के समय कुछ कार्यों को करना वर्जित बताया गया है। खासकर ग्रहण के समय पूजा पाठ करना सख्त मना होता है, तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा बता रहे हैं कि ग्रहण को इतना अशुभ क्यो माना गया है। तो आइए जानते हैं।
ग्रहण को क्यों माना गया है अशुभ—
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य ग्रहण लगता है तो सूर्य देव पर संकट बन जाता है। वही जब चंद्र ग्रहण लगता है तो चंद्र देव पर संकट आता है। ऐसे में सूर्य देव और चंद्र देव दोनों अपने अपने ग्रहण काल के समय संकट से जूझते हैं तो ग्रहण के समय हर जगह आसुरी शक्तियों का प्रभाव अधिक हो जाता है। आसुरी शक्तियों के अधिक बढ़ने से हर जगह नकारात्मकता फैल जाती है जिससे सकारात्मकता में कमी आती है।
इसलिए देवताओं की शक्ति कम हो जाती है। इस नकारात्मक प्रभाव को ग्रहण लगने से पहले ही महसूस किया जा सकता है। जिसे सूतक काल भी कहा जाता है। यही कारण है कि सूतक के दौरान पूजा पाठ करने की मनाही होती है। माना जाता है कि ग्रहण काल में जिन कार्यों को भी किया जाता है उनमें सफलता हासिल नहीं होती है और यही वजह है कि ग्रहण को अशुभ माना गया है।
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