Jyeshtha Month masik Durga Ashtami: इस बार अष्टमी तिथि (शक्ति का दिवस) और मंगलवार (मंगल ग्रह ऊर्जा, क्रोध और युद्ध का प्रतिनिधि) साथ पड़ रहे हैं और वह भी ज्येष्ठ माह में जो स्वयं उष्णता, वैराग्य और तपस्या का प्रतिनिधित्व करता है। तब यह दिन क्रियात्मक शक्ति की आराधना के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। चैत्र माह में आने वाली दुर्गाष्टमी नवशक्ति की प्रतीक है। आषाढ़ की दुर्गाष्टमी जलशक्ति की लेकिन ज्येष्ठ की दुर्गाष्टमी अग्निशक्ति की आराधना है। इस दिन मां दुर्गा के कृपाण-स्वरूप, चण्डिका रूप या दूषित ऊर्जा-विनाशक रूप की उपासना होती है।
ज्येष्ठ मास दुर्गा अष्टमी शुभ मुहूर्त:
ज्येष्ठ मास की दुर्गाष्टमी 3 जून 2025 मंगलवार को है। यह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर आती है। अष्टमी तिथि की शुरुआत 2 जून, 2025 को रात 8:34 बजे होगी और समापन 3 जून, 2025 को रात 9:56 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर यह 3 जून, 2025 मंगलवार को मनाई जाएगी।
दुर्गा अष्टमी साधना विधि की तैयारी:
मंगलवार की सुबह नहाने के बाद लाल वस्त्र धारण करें।
किसी एकांत स्थान पर मां चण्डिका या मां कालिका का चित्र रखें।
मंत्र साधना के द्वारा नवदुर्गा को प्रसन्न किया जा सकता है। 108 बार इस मंत्र का जाप करें-
मां दुर्गा मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चण्डिकायै नमः या ॐ दुं दुर्गायै नमः
दुर्गाष्टमी पर चढ़ाएं विशेष चढ़ावा: लाल फूल (गुड़हल), सिंदूर, हल्दी से रंगा चावल, काले चने का सूखा भोग, नीम या तुलसी का एक पत्ता।
मां का कोई स्तुति मंत्र या जय जय हे महिषासुरमर्दिनि का धीमे स्वर में पाठ करें। इस प्रक्रिया को कम से कम 21 मिनट तक करें।
तांत्रिक दृष्टि से दुर्गाष्टमी पर मिलते हैं ये गुप्त संकेत:
दुर्गाष्टमी के दिन शरीर का ताप थोड़ा बढ़ सकता है, यह ऊर्जा उठने का संकेत है।
किसी पुराने घाव या स्मृति की टीस मां की उपस्थिति का संकेत है, डरें नहीं।
सपने में लाल वस्त्रधारी स्त्री या तलवार दिखाई दे, साधना सिद्धि की सूचना है।
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