Jyeshta month 2022: ज्‍येष्‍ठ मास के हर शनिवार को करें ये उपाय, दूर होंगे सारे दुख

Update: 2022-05-21 07:02 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Jyeshta Month Significance and Remedies in Hindi: हिंदू कैलेंडर में तीसरे महीने को ज्‍येष्‍ठ का महीना कहते हैं. इस महीने में सूर्य की तीखी किरणें धरती पर पड़ती हैं. इसलिए इस महीने में जल, छाता, जूते, रस वाले फलों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. बीती 17 मई से ज्‍येष्‍ठ का महीना शुरू हो चुका है और यह 14 जून तक रहेगा. इस महीने में सूर्य और वरुण देव की उपासना की जाती है, साथ ही इस महीने में हनुमान जी और शनि देव की प्रमुखता से पूजा-अर्चना करना चाहिए. धर्म-शास्‍त्रों के अनुसार हनुमान जी और शनि देव को ज्‍येष्‍ठ मास बेहद प्रिय है.

बुढ़वा मंगल को करें ये काम
ज्‍येष्‍ठ महीने के हर मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें, संभव हो तो व्रत करें. उन्‍हें सिंदूर का लेप लगाएं. चोला चढ़ाएं. मगध के लड्डुओं या हलवा-पूरी का भोग लगाएं. हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ें. इस दिन जल से भरा घड़ा दान करें. गरीबों को भोजन कराएं. इससे संकटमोचक हनुमान प्रसन्‍न होकर सारे दुख दूर कर देंगे. साथ ही इससे कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होंगे.
ज्‍येष्‍ठ मास के हर शनिवार को करें ये उपाय
ज्‍येष्‍ठ महीने के हर शनिवार को शनि देव की पूजा करें. इसी महीने की अमावस्‍या को शनि देव का जन्‍म हुआ था. इस साल शनि जयंती के दिन सोमवती अमावस्‍या है. इस दिन पितरों का तर्पण-श्राद्ध करें. इससे पितृ प्रसन्‍न होकर आशीर्वाद देंगे. साथ ही शनिवार को काले तिल, काले कपड़े, उड़द का दान करें. ऐसे लोग जो शनि की साढ़े साती, ढैय्या, काल सर्प योग से पीड़ित हैं. उन्‍हें शनि जयंती के दिन यह उपाय जरूर कर लेने चाहिए, इससे उन्‍हें मुसीबतों से काफी राहत मिलेगी.


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