Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा से लेकर आएं ये शुभ चीजें, जीवन में आने लगेगी सुख-समृद्धि

Update: 2025-06-27 04:11 GMT
Jagannath Rath Yatra 2025: भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर में बसे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का उत्सव है। हर वर्ष ओडिशा के पुरी में यह दिव्य यात्रा बड़े धूमधाम से निकाली जाती है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा विशाल रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं।इस बार रथ यात्रा की शुरुआत 27 मई 2025 को होने जा रही है। ऐसी मान्यता है कि रथ यात्रा में भाग लेना और भगवान के दर्शन करना जीवन के पापों से मुक्ति दिलाता है और सौभाग्य प्रदान करता है। लेकिन एक और खास बात यह भी है कि इस यात्रा से कुछ विशिष्ट पवित्र वस्तुएं यदि श्रद्धा के साथ घर लाई जाएं, तो वे जीवन में सुख-समृद्धि और चमत्कारी परिवर्तन लाने में सक्षम मानी जाती हैं। आइए जानते हैं उन विशेष वस्तुओं के बारे में जिन्हें रथ यात्रा के दौरान या बाद में घर लाना अत्यंत शुभ माना गया है।
रथ की लकड़ी:
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ नीम की पवित्र लकड़ी से बनाए जाते हैं। यात्रा समाप्ति के बाद इन रथों को परंपरा अनुसार तोड़ दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि रथ की लकड़ी का एक छोटा टुकड़ा घर लाने से घर में समृद्धि और सुख-शांति आती है। यह लकड़ी सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती है।
जगन्नाथ मंदिर में भगवान को जो सूखा चावल अर्पित किया जाता है, उसे 'निर्माल्य' कहा जाता है। यह प्रसाद भक्तों को भी वितरित किया जाता है। मान्यता है कि इस प्रसाद को घर के अन्न भंडार या रसोई में रखने से अन्न की कभी कमी नहीं होती और घर में बरकत बनी रहती है।
पूजित छड़ी (बेंत):
रथ यात्रा के दौरान एक विशेष बेंत (छड़ी) को भक्तों के स्पर्श के लिए रखा जाता है। यह छड़ी मां लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती है। इस छड़ी को यदि पूजा स्थल या तिजोरी में रखा जाए, तो धन-संपत्ति और समाज में यश की प्राप्ति होती है।
तुलसी माला:
जगन्नाथ पुरी से लाई गई तुलसी की माला भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय होती है। यह माला घर में रखने से रोग-दोष दूर होते हैं और घर में सकारात्मकता, आरोग्य और वैभव बना रहता है।
Tags:    

Similar News