सावन मास के महीने में अमरनाथ यात्रा करने का सोच रहे है, तो ये जरुरी बातें जरूर जान ले

Update: 2023-07-13 16:24 GMT
धर्म आध्यात्म: अमरनाथ की यात्रा पर जाना है तो इससे पहले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। इस साल की यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि रजिस्ट्रेशन की खास बात यह है कि आपको यात्रा शुरू करने से करीब एक महीना पहले अपना नाम दर्ज करवाना होगा।इसके बाद ही आप अमरनाथ यात्रा पर जा सकेंगे।सावन के महीने में अमरनाथ यात्रा करने से पहले जरूर जान लें ये बातें अमरनाथ यात्रा पर जाना चाह रहे हैं, तो जान लें ये बातें अमरनाथ यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कराते हैं। यह देश की सबसे लोकप्रिय तीर्थ यात्रा है। सावन का महीना चल रहा है
ऐसे में शिवभक्त भोलेनाथ के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा पर निकल पड़ते हैं समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग बनता है। इसलिए इन्हें बाबा बर्फानी भी कहा जाता है। इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए करीब डेढ़ लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। हालांकि, खराब मौसम के कारण यात्रा रोकी भी गई थी, लेकिन मौसम साफ होते ही यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई। अगर आप भी बाबा बर्फानी के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो आपके हर सवाल का जवाब हम आपको इस खबर में देंगे।
अमरनाथ गुफा देश के जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित है। गुफा में पहुंचने के दो रास्ते हैं। अनंतनाग जिले के 36 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से और गांदेरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से। पहलगाम या बालटाल तक आप किसी भी वाहन से पहुंच सकते हैं। इससे आगे का रास्ता आप पैदल चलकर या टट्टू पर बैठकर भी पूरा कर सकते हैं। पहलगाम और बालटाल से ही अमरनाथ यात्रा शुरू होती है। श्रीनगर से पहलगाम या बालटाल आसानी से पहुंचा जा सकता है। अमरनाथ यात्रा पर जानें से पहले आपको अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। अमरनाथ यात्रा शुरू करने से पहले आपको मेडिकल चेकअप भी कराना होगा। यह इसलिए भी जरूरी है ताकि आप लंबे सफर में सुरक्षित रह सकें और बीमार पड़ने की संभावना कम हो। बेस कैंप और यात्रा मार्ग पर जगह-जगह टेन्ट, गेस्टहाउस और धर्मशाला मिल जाएंगे। आप अपने बजट के हिसाब से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं।
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