Religion धर्म : ज्योतिष शास्त्र में पुखराज को गुरु ग्रह का प्रतिनिधि रत्न माना गया है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार पीला पुखराज अत्यंत शुभ और प्रभावशाली रत्नों में से एक है। इसे धन, ज्ञान, वैवाहिक सुख और भाग्य वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए इस रत्न को धारण करना लाभकारी माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार धनु और मीन राशि के जातकों के लिए पुखराज को विशेष रूप से शुभ माना गया है, क्योंकि इन राशियों के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह होते हैं। वहीं जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में होता है, उन्हें बिना ज्योतिषीय सलाह के यह रत्न नहीं पहनना चाहिए, क्योंकि इसका प्रभाव विपरीत भी हो सकता है।
पुखराज धारण करने के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इसे गुरुवार के दिन गुरु ग्रह के मंत्रों का जाप करके पहनना शुभ माना जाता है। पारंपरिक रूप से इसे सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण किया जाता है। इसे पहनने से पहले शुद्धिकरण की प्रक्रिया भी की जाती है, जिसमें रत्न को रातभर पंचामृत में रखा जाता है।पंचामृत में दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल का उपयोग किया जाता है, जिससे रत्न की शुद्धि मानी जाती है। इसके बाद गुरुवार के दिन स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा की जाती है। व्यक्ति को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठकर गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दौरान कम से कम 108 बार मंत्र जप करने का विधान बताया गया है।
इसके बाद पुखराज पर हल्दी का तिलक लगाया जाता है और पीले फूल अर्पित किए जाते हैं। “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” मंत्र का जाप करते हुए इसे दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करने की परंपरा है। माना जाता है कि सही विधि से धारण करने पर यह रत्न सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार रत्न धारण करने के बाद दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। इससे ग्रहों का प्रभाव संतुलित होता है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बढ़ती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी रत्न को पहनने से पहले अपनी कुंडली का सही विश्लेषण किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से जरूर करवाना चाहिए, ताकि उसका सही लाभ मिल सके।कुल मिलाकर पुखराज को एक शक्तिशाली और शुभ रत्न माना गया है, जिसे सही विधि और नियमों के साथ धारण करने पर जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिलने की मान्यता है।