Hariyali Teej 2025 Puja: घर पर इस विधि से करें हरियाली तीज पूजा, मिलेगी विशेष फल की प्राप्ति
Hariyali Teej 2025 Puja: यह व्रत केवल सुहागिन स्त्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कुंवारी कन्याएं भी इस दिन उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती से मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त करने की कामना करती हैं। इस दिन महिलाएं मंदिर जाकर या फिर स्वयं घर पर भी विधिपूर्वक पूजा कर सकती हैं।श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली हरियाली तीज का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और उनके पति की आयु लंबी होती है।
घर पर हरियाली तीज की पूजा कैसे करें?
यदि आप घर पर ही हरियाली तीज की पूजा करना चाहती हैं, तो इसके लिए आप कुछ विशेष नियमों का पालन करके पूजा कर सकती हैं और व्रत का फल प्राप्त कर सकती हैं। आइए जानते हैं घर पर हरियाली तीज व्रत की विधि।
तीज के दिन प्रातःकाल स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान पर दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें।
यह व्रत निर्जला भी रखा जाता है। सुहागिन स्त्रियां इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं और विशेष रूप से हरे रंग की साड़ी और चूड़ियां पहनती हैं।
पूजा स्थल को स्वच्छ करके उस पर गोबर का लेप करें और गंगाजल से शुद्ध करें। फिर माता पार्वती की चौकी स्थापित करें।
पूजा के लिए शुद्ध मिट्टी या बालू से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाई जाती है। यदि प्रतिमा बनाना संभव न हो, तो उनके चित्र या मूर्ति की स्थापना कर पूजा की जा सकती है।
शिव-पार्वती का आवाहन करें।
शिवजी का अभिषेक गंगाजल और पंचामृत से करें।
माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
बेलपत्र, धतूरा, फल, फूल, चंदन, अक्षत, नैवेद्य और सुपारी से पूजन करें।
सभी पूजन सामग्री अर्पित करने के बाद हरियाली तीज की व्रत कथा पढ़ें और शिव-पार्वती की आरती करें।
पूजन समापन:
अगले दिन मिट्टी या बालू की मूर्ति और पूजन सामग्री को नदी या किसी पवित्र जल स्रोत में विसर्जित कर दें।
हरियाली तीज का व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह दांपत्य जीवन में प्रेम, समर्पण और स्थायित्व को भी दर्शाता है।