जनता से रिश्ता वेबडेस्क। वैदिक ज्योतिष में किसी ग्रह के अस्त होने का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। हर राशि का अपना स्वामी ग्रह होता है। 19 फरवरी 2022 को शनि की स्वराशि कुंभ में देवगुरु बृहस्पति का अस्त होने जा रहा है। यानी इस अवधि में गुरु ग्रह का प्रभाव कम हो जाएगा।

वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को विस्तार, भाग्य, ज्ञान और सुख-संपदा आदि का कारक माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जातक की जन्मकुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होने पर व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
गुरु ग्रह अस्त टाइमिंग- 19 फरवरी को देवगुरु बृहस्पति सुबह 11 बजकर 13 मिनट पर कुंभ राशि में अस्त होंगे। 20 मार्च 2022 कोसुबह 09 बजकर 35 मिनट फिर इसी राशि में सामान्य अवस्था में आ जाएंगे। जानिए गुरु अस्त का किन राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव-
मेष- मेष राशि के जातकों के लिए गुरु अस्त शुभ नहीं माना जा रहा है। इस दौरान आपको कार्यस्थल पर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खर्चों में वृद्धि हो सकती है। जीवनसाथी के साथ तनाव हो सकता है। मानसिक तनाव का शिकार हो सकता है।
वृषभ- वृषभ राशि के जातकों की इस अवधि में मन की इच्छाएं अधूरी रह सकती हैं। नौकरी में बदलाव का विचार कर रहे हैं, तो फिलहाल टाल दें। इस दौरान व्यापार में मंदी आ सकती है। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें।
मिथुन- मिथुन राशि वालों को करियर में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान बनते काम बिगड़ सकते हैं। आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक मुश्किलों के कारण मानसिक तनाव हो सकता है।
कर्क- कर्क राशि वालों के लिए गुरु का अस्त होना शुभ संकेत नहीं दे रहा है। इस दौरान कार्यों में सफलता पाने के लिए आपको अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी के साथ मनमुटाव हो सकता है। खानपान का ध्यान रखें।


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