क्या दूसरे भाव में मंगल का होना मंगल दोष देता है, जानिए
अगर कुंडली के लग्न भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव या द्वादश भाव में मंगल स्थित हो तो यह मंगल दोष या कुजा दोष कहलाता है.
जनता से रिश्ता वेबडेस्क | अगर कुंडली के लग्न भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव या द्वादश भाव में मंगल स्थित हो तो यह मंगल दोष या कुजा दोष कहलाता है. इसे मांगलिक दोष भी कहा जाता है, ऐसा मानना है कि इसके कारण वैवाहिक जीवन में दिक्कतें पैदा होती हैं. समस्या के प्रकार और उनकी तीव्रता एक समान नहीं होती, उनका असल प्रभाव कुंडली में मंगल की स्थिति पर निर्भर करता है. कई ज्योतिष वेबसाइट मंगल दोष की तुरंत जांच करने और उसके उपाय बताने पर अधिक बल दे रही हैं, लेकिन क्या यह सही है? ये सही नहीं है.
कम हो सकता है मंगल दोष का प्रभाव
इस विषय पर डॉ विनय बजरंगी ने कहा, 'मैं पिछले दो दशकों से वैदिक ज्योतिष का अभ्यास कर रहा हूं, और आज तक, मुझे बहुत कम ऐसे लोग मिले हैं, जिनकी कुंडली ऐसे मंगल दोष से युक्त हो कि जिसको प्रभावहीन करना संभव न हो. मंगल दोष के विषय में फैले तमाम विचार और इस तरह की ज्योतिष विद्या पूर्ण रूप से मिथ्या है और उन्हें गलत तरीके से ही लिया जाता है. मांगलिक दोष का एक कुंडली में होना व्यावहारिक तौर पर संभव नहीं हो सकता.
इसकी वजह बताते हुए विनय बजरंगी ने कहा कि क्या सिर्फ मंगल इतना शक्तिशाली हो सकता है कि वह अन्य सभी ग्रहों की शक्ति एवं सकारात्मकता को प्रभावहीन कर दे. ऐसे कैसे अन्य ग्रह शांत रहकर मंगल को मनमानी करने दे सकते हैं? अगर मंगल ग्रह कुंडली में मंगल दोष का कारण बन रहा है तो शनि जैसे अन्य अशुभ ग्रहों को भी शनि दोष निर्मित करना चाहिए. इसके अलावा वो बताते हैं कि मंगल मुख्य रूप से एक नकारात्मक ग्रह है, लेकिन अधिकतर समय स्वामित्व, उच्चाटन आदि के चलते, यह एक कुंडली के लिए एक सहायक ग्रह की भूमिका निभाता है.
मंगल के नाम पर डराने का काम
वह कहते हैं कि बताए गए सभी योग कुंडली पर लागू होने पर, लोगों को इस अस्तित्वहीन योग से कौन भयभीत करता है? मुझे समझ नहीं आता. मैंने अपने शोध में जाना है कि जिन लोगों को कुंडली आंकलन के विषय में बहुत कम ज्ञान या कोई ज्ञान नहीं है, वह लोग इस योग का निरंतर उपयोग करते हैं क्योंकि मंगल दोष की पहचान करना सरल है, यह केवल मंगल ग्रह की स्थिति पर आधारित होता है.
इसलिए, अगर इस योग के कारण आप भयभीत हैं, तो एक प्रामाणिक मंगल दोष कैलकुलेटर का उपयोग करें या किसी ऐसे व्यक्ति से परामर्श करें जिसे कुंडली के आंकलन में महारत हासिल हो.
क्या दूसरे भाव में मंगल का होना मंगल दोष देता है?
उत्तर: नहीं, द्वितीय भाव में मंगल मंगल दोष निर्मित नहीं करता है. कुछ उत्तर भारतीय ज्योतिषियों का मत इसके विपरीत हैं, लेकिन इस मामले की सच्चाई यह है कि अगर मंगल अशुभ है, तो उस भाव से संबंधित समस्या पैदा करता है जिसमें यह खुद बैठा है. तो इसलिए अटकलें लगाने से बेहतर होगा कि कुंडली का मूल्यांकन कराया जाए कि मंगल की वास्तविक स्थिति क्या और कहां पर है और उसके बाद मंगल दोष के सरल उपाय किए जाएं.
क्या 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष समाप्त हो जाता है?
उत्तर: नहीं, 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष समाप्त नहीं होता है. वास्तव में, अगर किसी भी कुंडली में कोई दोष है, तो वह जीवन पर्यंत रहता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मंगल ग्रह किसी इंसान की उम्र के 28वें वर्ष के बाद उसके जीवन को एक अलग रूप में प्रभावित करता है. मंगल की उग्रता या ऊर्जा इस आयु के बाद दिशाबद्ध हो जाती है, लेकिन यह विवाह को प्रभावित नहीं करता है.
क्या मुझे कभी भी मंगल दोष से छुटकारा मिल सकता है?
उत्तर: यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष हो तो यह कभी भी समाप्त नहीं हो सकता है. लेकिन आपको मांगलिक दोष की जांच करवानी चाहिए; इसकी प्रबल संभावना है कि आपकी कुंडली में यह दोष हो ही नहीं. ऐसे देखा गया है कि खुद को मांगलिक मानने वाले 80 फीसदी लोगों की कुंडली में मंगल दोष नहीं पाया गया.
क्या मंगल दोष के कारण विवाह में विलम्ब हो सकता है?
उत्तर: मंगल दोष के प्रभावों में से एक, वास्तव में विवाह में देरी है. लेकिन इसके लिए केवल मंगल ग्रह ही उत्तरदायी नहीं है. एक कुंडली में कोई अन्य ग्रह भी विवाह में देरी का कारण हो सकता हैं. हां, मंगल उस समस्या में वृद्धि कर सकता है लेकिन केवल मंगल विवाह में देरी का कारण नहीं हो सकता. इसलिए बेहतर होगा कि किसी ज्योतिषी से परामर्श के उपरान्त ही मांगलिक दोष के कुछ उपाय करें.
क्या मंगल दोष का कोई उपाय है?
उत्तर: मांगलिक दोष के बहुत से उपाय हैं. लेकिन यह पहचानने के लिए किसी को इतना योग्य होना चाहिए कि कौन सा उपाय सर्वथा उपयुक्त है. मंगल ग्रह स्वभाव, अनुचित इच्छाओं, आक्रामकता, दावे और बिना सोचे समझे अनुसरण करने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है. अगर किसी के व्यक्तित्व में इनमें से एक या अनेक गुण सम्मिलित हो जाते हैं, तो उसका विवाह पर कुछ प्रभाव पड़ता है.
इस कारण मांगलिक दोष की जांच करवाना और एक कर्म सुधारक ज्योतिषी के परामर्श का पालन करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. एक कर्म सुधारक ज्योतिषी मांगलिक लड़की या मांगलिक लड़के की पहचान विवेकपूर्वक करेगा और उनकी प्रकृति को संशोधित करने के तरीकों से उन्हें अवगत कराएगा.
अगर आपको इस दोष से बचना है तो बिना सोचे-समझे अनुष्ठान न करें क्योंकि ऐसा करना आपकी सहायता नहीं करेगा, अपितु आपको नुकसान पहुंचा सकता है. मंगल दोष के पता लगाने का सबसे अच्छा उपाय है कि विवाह से पहले कुंडली मिलान कराएं. पूर्ण कुंडली मिलान क्या होता है और सही कुंडली मिलान मंगल दोष का सबसे अच्छा उपाय है.
कैसे पता करें क्या मेरी कुंडली में कोई मांगलिक दोष है?
उत्तर: इसकी जांच करने के लिए आप मंगल दोष कैलकुलेटर पर जाएं. आपको वहां से प्रामाणिक ऑनलाइन मंगल दोष परिणाम मिलेगा. लेकिन मंगल दोष के प्रभावों के लिए, आपको परामर्श करना चाहिए.