जनता से रिश्ता वेबडेसक | चंद्रमा की चाल आज, 23 अक्टूबर से बदल रही है। चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में पहले से राहु विराजमान हैं। चंद्रमा और राहु की युति से वृषभ राशि में ग्रहण योग बनेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, वृषभ राशि में ग्रहण योग बनने से कन्या, तुला और वृश्चिक राशि वालों को सावधानी बरतनी होगी। ग्रहण योग का समापन 25 अक्टूबर, दिन सोमवार को दोपहर 2 बजकर 37 मिनट पर होगा। ग्रहण योग बनने के कारण तीन दिन तक तुला, कन्या और वृश्चिक राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत है।

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कब और कैसे बनता है ग्रहण योग-

किसी जातक की कुंडली के 12वें भावों में से किसी भी भाव में सूर्य और चंद्रमा के साथ राहु या केतु के साथ कोई पाप ग्रह विराजमान हो तो ग्रहण योग का निर्माण होता है। जिस भाव में ग्रहण योग बनता है, उस भाव से संबंधित परिणाम पर बुरा प्रभाव पड़ता है। चंद्रमा और राहु से ग्रहण योग बनने पर जातक अनिद्रा का शिकार हो सकता है। बुरे सपने या ख्याल आने लगते हैं। 

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