आईटीआर प्रोसेसिंग हुई तेज, पहले के मुकाबले जल्दी मिल रहा रिफंड

Update: 2024-08-08 10:23 GMT
नई दिल्ली: असेसमेंट ईयर 2024-25 में 7.28 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न (आरटीआर) जमा किए गए हैं। इसके साथ ही आईटीआर प्रोसेसिंग का समय भी बीते कुछ वर्षों में तेजी से घटा है। यह टैक्स क्षेत्र में नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार देश में आईटीआर प्रोसेसिंग का समय घटकर 10 दिन रह गया है, जो कि 2013 में 93 दिन था। इस कारण से रिफंड पहले के मुकाबले तेज हुआ है।
आईटीआर प्रोसेसिंग में तेजी की वजह इनकम टैक्स रिटर्न सिस्टम को अपटेड करना है। पर्सनल टैक्स रिजीम का सरलीकरण करना और टैक्स रिटर्न को आसान बनाना है।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई, 2024 तक असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए 7.28 करोड़ आईटीआर जमा किए गए थे। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 7.5 प्रतिशत ज्यादा है।
31 जुलाई तक पहली बार आईटीआर जमा करने वालों की संख्या 58.57 लाख थी, जो दिखाता है कि अर्थव्यवस्था बढ़ने के साथ देश में टैक्स जमा करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि केंद्रीय बजट का उद्देश्य टैक्स रिजीम को आसान बनाना है। बजट में प्रस्तावित टैक्स के प्रावधानों से सीधा फायदा मध्यम वर्ग को होगा।
आम बजट 2024-25 में वित्त मंत्री ने नई इनकम टैक्स रिजीम के तहत 10 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है, जो कि पहले 50,000 थी।
वित्त मंत्री के अनुसार, 31 जुलाई तक जमा कुल आईटीआर में से 72.8 प्रतिशत आईटीआर नई टैक्स रिजीम के तहत जमा किए गए हैं।
सरकार की ओर से इनकम टैक्स एक्ट का कॉम्प्रीहेंसिव रिव्यू करने का फैसला किया गया है। छह महीने बाद पक्षकारों से चर्चा के लिए पहला ड्राफ्ट लाया जाएगा।
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