राजस्थान। राजस्थान उच्च न्यायालय ने टीवी पत्रकार अमन चोपड़ा मामले की सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं. अब इस मामले पर अगली सुनवाई बुधवार को होगी. अदालत ने इससे पहले अलवर मंदिर विध्वंस मामले में कथित रूप से धार्मिक भावनाएं भड़काने और आपसी वैमनस्य पैदा करने के लिए राज्य में उनके खिलाफ दर्ज अन्य दो मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी. बता दें कि राजस्थान पुलिस (rajasthan police) की एक टीम रविवार से टीवी पत्रकार अमन चोपड़ा (aman chopra) को गिरफ्तार करने के लिए नोएडा में है जिसके बाद चोपड़ा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इससे पहले शनिवार को ही राजस्थान उच्च न्यायालय (rajasthan high court) ने बूंदी और अलवर जिलों में चोपड़ा के खिलाफ दर्ज दो मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे. हालांकि, अदालत ने डूंगरपुर जिले में दर्ज तीसरी एफआईआर में उनकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई, जिसमें एक स्थानीय अदालत ने पत्रकार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है.

Full View

वहीं दूसरी ओर राजस्थान पुलिस का कहना है कि उनकी टीम शनिवार से नोएडा में चोपड़ा के घर दो बार गई थी लेकिन वह वहां पर नहीं मिले. पुलिस ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके साथ सहयोग नहीं किया. वहीं अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) जीएस राठौर ने इस मामले पर कहा कि चोपड़ा ने राजस्थान उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग की थी जिनमें से अदालत ने अलवर और बूंदी में एफआईआर के संबंध में गिरफ्तारी के खिलाफ रोक लगाते हुए स्टे लगाया था लेकिन डूंगरपुर में दर्ज मामले में अदालत ने रोक नहीं लगाई थी जिसके बाद पुलिस उन्हें फिर गिरफ्तार करने पहुंची थी.

वहीं कोर्ट ने मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान चोपड़ा के वकील पक्ष से कई सवाल किए और कार्यक्रम के कंटेंट के बारे में जानकारी मांगी जिसके बाद कोर्ट में जज के पैनल ने बुधवार को कार्यक्रम की सीडी पेश करने को कहा है जिसे जज देखेंगे. वहीं कोर्ट में चोपड़ा पर लगाई गई धाराओं को लेकर भी सवाल-जवाब किए गए.





Tags: