गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी के खानापारा स्थित इंटर-स्टेट बस टर्मिनस (ISBT) में पूर्वोत्तर भारत के पहले वीएफएस ग्लोबल वीजा आवेदन केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र के शुरू होने से असम समेत पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए वीजा आवेदन करने वाले लोगों को कई मामलों में दिल्ली या कोलकाता जैसे बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह असम में पहला वीएफएस ग्लोबल वीजा आवेदन केंद्र है, जो पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराएगा। शुरुआती चरण में यहां 14 देशों के लिए वीजा आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
14 देशों के लिए वीजा आवेदन की सुविधा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि नए केंद्र के माध्यम से ऑस्ट्रिया, साइप्रस, चेक गणराज्य, मिस्र, एस्टोनिया, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, जापान, लातविया, माल्टा, मोरक्को, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम के लिए वीजा आवेदन किए जा सकेंगे।माल्टा के लिए फिलहाल डी-वीजा श्रेणी के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा पात्र यात्रियों को शेंगेन वीजा आवेदन से संबंधित सुविधाएं भी मिलेंगी।यह केंद्र वीजा आवेदन स्वीकार करने, आवश्यक दस्तावेज जमा कराने और संबंधित दूतावासों तक आवेदन पहुंचाने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराएगा।हालांकि, वीजा जारी करने या आवेदन अस्वीकार करने का अंतिम अधिकार संबंधित देश के दूतावास या अधिकृत आव्रजन विभाग के पास ही रहेगा।
पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को मिलेगा लाभ
नया वीजा आवेदन केंद्र असम के अलावा अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के आवेदकों को भी सेवाएं प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि इस केंद्र का महत्व केवल गुवाहाटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय यात्रा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने बताया कि पहले लोगों को वीजा आवेदन और अन्य औपचारिकताओं के लिए दिल्ली या कोलकाता जैसे शहरों में जाना पड़ता था। इससे यात्रा, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च आता था।अब गुवाहाटी में सुविधा उपलब्ध होने से आवेदकों के समय और खर्च में बचत होने की उम्मीद है।
छात्रों और कारोबारियों को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह केंद्र विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा।इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े कारोबारी, विदेश में काम करने वाले पेशेवर और पर्यटन के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले आवेदक गुवाहाटी में वीजा संबंधी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सकेंगे।इससे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, पर्यटन और व्यावसायिक अवसरों तक पहुंच अधिक सुविधाजनक बनने की संभावना है।
3200 वर्गफुट क्षेत्र में तैयार किया गया केंद्र
गुवाहाटी के खानापारा स्थित आईएसबीटी परिसर में स्थापित यह वीजा आवेदन केंद्र लगभग 3,200 वर्गफुट क्षेत्र में फैला हुआ है।इसका स्थान सार्वजनिक और निजी परिवहन के माध्यम से पहुंचने के लिहाज से सुविधाजनक बताया गया है।उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ असम की पर्यटन मंत्री अजंता नियोग, परिवहन मंत्री चरण बोरो और वीएफएस ग्लोबल की दक्षिण एशिया की मुख्य परिचालन अधिकारी युम्मी तलवार भी मौजूद रहीं।इसके अलावा स्विट्जरलैंड, चेक गणराज्य, इटली और फ्रांस के राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
वीजा प्रक्रिया होगी अधिक सुविधाजनक
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि नए केंद्र के माध्यम से आवेदन संबंधित देशों के दूतावासों को भेजे जाएंगे। वीजा स्वीकृत होने के बाद मुहर लगे पासपोर्ट प्राप्त करने की सुविधा भी यहां उपलब्ध होगी।उन्होंने कहा कि यह केंद्र लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांग रही है।वीएफएस ग्लोबल की दक्षिण एशिया की मुख्य परिचालन अधिकारी युम्मी तलवार ने कहा कि कंपनी पूर्वोत्तर भारत में वीजा सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने इस केंद्र की स्थापना में सहयोग के लिए असम सरकार और संबंधित देशों के राजनयिक मिशनों का आभार व्यक्त किया।
पूर्वोत्तर की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
नए वीजा आवेदन केंद्र के उद्घाटन को पूर्वोत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रा संबंधी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अभी तक विदेश यात्रा की योजना बनाने वाले अनेक लोगों को वीजा आवेदन की औपचारिकताओं के लिए क्षेत्र से बाहर जाना पड़ता था।गुवाहाटी में यह सुविधा शुरू होने से विद्यार्थियों, पेशेवरों, कारोबारियों और पर्यटकों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी।हालांकि, वीजा मिलने में लगने वाला समय संबंधित देश की प्रक्रिया और आवेदन की श्रेणी पर निर्भर करेगा। केंद्र खुलने से वीजा की स्वीकृति की गारंटी नहीं होगी।