VNR विही- जॉर्वी रेड किस्मों की होगी पैदावार

Update: 2026-07-20 12:19 GMT
Market. मंडी। हिमाचल प्रदेश को देश का अग्रणी और समृद्ध फल राज्य बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश सरकार और बागवानी विभाग ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी विजऩ को आगे बढ़ाते हुए मंडी जिले के विकास खंड सदर के अंतर्गत आने वाले बाड़ी क्लस्टर में एक विशाल एक दिवसीय पौधरोपण अभियान और विशेष तकनीकी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्यवर्द्धन परियोजना के तहत किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लाभार्थी किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती पर निर्भर किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और उच्च-घनत्व बागवानी तकनीकों से जोडक़र उनकी आर्थिकी को एक नई ऊंचाई देना है। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बागवानी उपनिदेशक डा. संजय गुप्ता ने विभाग की इस त्वरित सफलता को साझा करते हुए पूरी टीम की
पीठ थपथपाई।


उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत महज दो महीने (60 दिन) पहले ही इस बाड़ी क्लस्टर का चयन किया गया था। आमतौर पर ऐसे क्लस्टर्स को तैयार करने में लंबा समय लगता है, लेकिन विभाग की मुस्तैदी कुशल नेतृत्व और अद्वितीय टीम वर्क का ही नतीजा है कि इतने कम समय में न केवल ऊबड़-खाबड़ जमीन को कृषि योग्य बनाया गया, बल्कि आज वहां बड़े स्तर पर वैज्ञानिक पद्धति से पौधरोपण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। परियोजना की विस्तृत रूपरेखा और इसके दूरगामी फायदों को साझा करते हुए डा. संजय गुप्ता ने कहा कि बाड़ी क्लस्टर के अंतर्गत कुल सात हेक्टेयर के विस्तृत क्षेत्र को शामिल किया गया है। चालू सीजन के दौरान ही इस चयनित भूमि पर रिकॉर्ड 7777 अमरूद के पौधों का रोपण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना आने वाले समय में इस ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के जीवन स्तर को सुधारने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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