वीआईपी नंबर लेने के लिए लोग खूब पैसा खर्च कर रहे हैं. हरिशंकर यादव ने नई रजिस्ट्रेशन सीरीज यूपी-14 ईक्यू का 0001 वीआईपी नंबर लेने के लिए पांच लाख रुपये की बोली लगा दी. परिवहन विभाग ने उन्हें नंबर आवंटित कर दिया.

अब तक की यह सबसे बड़ी बोली है. इससे पहले की सीरीज के वीआइपी नंबर दो लाख रुपये तक ही बिके हैं. परिवहन विभाग द्वारा नई सीरीज आने पर वीआईपी नंबर की बोली लगाई जाती है. पहले तो वीआइपी नंबर सिफारिश के आधार पर मिल जाते थे, लेकिन सरकार ने इस प्रक्रिया को अब बंद कर दिया है.
सरकार ने अब ऑनलाइन वीआईपी नंबर की बोली लगाने का नियम लागू कर दिया. अब जो भी व्यक्ति वीआईपी नंबर लेगा उसे ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरना होगा. वहां बोली लगानी होगी, जो व्यक्ति सबसे ऊंची बोली लगाएगा, उसे वीआईपी नंबर मिल जाएगा.
गाजियाबाद में वाहनों के लिए यूपी-14 की नई सीरीज जारी की गई है, ये सीरीज 0001 से शुरू हो रही है ये एक वीआईपी नंबर है, जिसके लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई. वीआईपी नंबर लेने के लिए 100 ज्यादा लोगों ने आवेदन किए थे. जिसने सबसे ज्यादा बोली लगाई, उसे नंबर जारी कर दिया गया.
एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह ने बताया कि ऑनलाइन नीलामी में यूपी-14 ईक्यू सीरीज में 0001 नंबर के लिए काफी संख्या में लोगों ने बोली लगाईं. इसमें से अधिकतम बोली हरिशंकर यादव ने पांच लाख रुपये में लगाई है. उनके लिए यह नंबर अलॉट कर दिया गया है.
एआरटीओ ने बताया कि दूसरी सबसे बड़ी बोली 0007 नंबर के लिए लगी। इसको 1.10 लाख रुपये में शालिनी त्यागी ने खरीदा है. इस नंबर को उन्हें अलॉट कर दिया गया है. एआरटीओ विश्वजीत सिंह ने बताया कि अब बिना नीलामी के किसी भी वीआईपी नंबर की बिक्री नहीं की जाती है.


Tags: