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भुवनेश्वर (आईएएनएस)| वेदांता ने प्रभावित ग्रामीणों के मुद्दों को हल करने के बाद शनिवार को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में जामकानी कोयला खनन से परिचालन शुरू कर दिया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। वेदांता लिमिटेड की जामकानी साइट सुंदरगढ़ में पिछले साल 23 दिसंबर से प्रभावित ग्रामीणों के आंदोलन के कारण गतिरोध बना हुआ था, जो मुआवजे और पुनर्वास कॉलोनी की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों और सुंदरगढ़ जिला प्रशासन के साथ-साथ वेदांता अधिकारियों के बीच गहन बातचीत के बाद शुक्रवार को मुद्दों को सुलझा लिया गया। सुंदरगढ़ के एडीएम अभिमन्यु बेहरा ने कहा कि बैठक के बाद कंपनी ने काम शुरू कर दिया है।
कोयला खनन से पहले अपनी मांगों को लेकर मेंदरा, जामकानी, गिरीशमा और झारपालंग गांव के ग्रामीण आंदोलन कर रहे थे।
कंपनी भूमि खोने वालों के लिए अतिरिक्त मुआवजा या 15 लाख रुपये प्रति एकड़ की रियायती राशि का भुगतान करने पर सहमत हुई है। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि इसी तरह तीन लाख रुपये प्रति एकड़ पर पुरानी गणना के अनुसार 12 प्रतिशत की दर से 10 साल की दर से ब्याज देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया।
इसी प्रकार बेघरों की पहचान कर उन्हें पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन की सुविधा उपलब्ध कराना, पुनर्वास कॉलोनियों को रहने योग्य बनाना, विस्थापित परिवारों के प्रत्येक घर का पुन: सर्वेक्षण करना तथा नवनिर्मित आवासों को मुआवजा सूची में सम्मिलित करना भी कंपनी द्वारा स्वीकार किया गया।
विस्थापित परिवारों के 18 वर्ष से अधिक उम्र के लड़के-लड़कियों को रोजगार योग्य बनाने के लिए प्रशिक्षित करने का समझौता हुआ।
वेदांता के माइन डेवलपमेंट एंड ऑपरेशन (एमडीओ) पार्टनर बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा लिमिटेड ने पिछले साल 5 नवंबर को पुलिस सुरक्षा के बीच जामकानी खदान में खनन कार्य शुरू किया था।
हालांकि, खनन प्रभावित लोगों ने प्रति एकड़ 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर खनन स्थल पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद, आंदोलनकारियों और बीजीआर कर्मचारियों के बीच झड़प के बाद 23 दिसंबर को खदान को बंद कर दिया गया था।
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