सिम साइबर ठगों को बेचते थे, पुलिस ने दो को उठाया, हुआ चौंकाने वाला खुलासा
बड़ा एक्शन.
अलवर: राजस्थान के मेवात में बैठे ठग देश के लोगों को अपना निशाना बनाते हैं. इसके लिए अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, उनको सिम कौन मुहैया करा रहा था, इसको लेकर पुलिस पिछले कई दिनों से जांच कर रही थी. वहीं, इसी बीच इस गिरोह को सिम कार्ड सप्लाई करने वाले दो शातिर बदमाशों को अलवर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इनके पास से 385 सिम कार्ड, लैपटॉप, क्रेडिट कार्ड, एटीएम, मोबाइल फोन सहित कई सामान बरामद हुआ है. पुलिस ने बताया कि बदमाश असम से सिम कार्ड खरीद कर लाते थे और यहां महंगे दामों में साइबर ठगों को बेचते थे.
रामगढ़ पुलिस थाना व डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. टीम ने रामगढ़ के बहादुरपुर रोड से साइबर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद हुए. इन मोबाइल को जब चेक किया तो उनमें विभिन्न फोटोज व स्कैनर व अलग-अलग लोगों के आईडी कार्ड मिले. इसके अलावा मोटरसाइकिल आदि वाहनों के फोटो व आरसी की फोटो भी मिली. पुलिस को एक लैपटॉप भी बरामद हुआ है. जिसमें हार्ड डिस्क को हटाकर उसके स्थान पर फर्जी नैनो सिम कार्ड छिपाया गया था.
पुलिस आरोपियों से हर एंगल से पूछताछ कर रही है. आरोपियों ने बताया कि वो सिम कार्डों को असम से सस्ते दामों पर खरीद कर लाते थे और साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों को महंगे दामों पर सिम कार्ड को बेचते थे. पुलिस ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है. एडिशनल एसपी तेजसिंह ने बताया कि मोबाइल सिम सप्लाई करने वाले गिरोह का रामगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है.
आरोपियों के कब्जे से फर्जी सिम कार्डों का जखीरा भी पकड़ा गया है. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साइबर गिरोह में कौन-कौन सदस्य जुड़े हुए हैं. इन्होंने किन-किन साइबर अपराधियों को सिम बेचा है. आरोपियों से पूछताछ में कई और बड़े खुलासे भी हो सकते हैं.