नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रानीखेड़ा की रहने वाली दिव्यांग छात्रा ने UPSC में 48वां स्थान हासिल करके सबको हैरान कर दिया है. दृष्टिहीन होने के बावजूद आयुषी ने वो कर दिखाया, जिसे करना हर किसी के बस की बात नहीं. आयुषी ने UPSC क्रैक करने के लिए Youtube की मदद ली. Youtube पर वीडियो के जरिए वह अपनी तैयारी करती थीं.

बता दें, 30 वर्षीय आयुषी स्कूल से लेकर कॉलेज तक हमेशा टॉपर रही हैं. फिलहाल वह मुबारकपुर के एक स्कूल में हिस्ट्री की टीचर हैं. UPSC से पहले उन्होंने दिल्ली सब-ऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड में टॉप किया था. उन्होंने 2015 में सिविल सेवा की तैयारी का फैसला किया. तीन बार के प्रयास असफल रहीं, लेकिन चौथी बार उन्होंने अपना मुकाम हासिल कर ही लिया.
आयुषी पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानती हैं. वह पहले टीचर बनना चाहती थीं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज से ग्रैजुएशन की. फिर उन्होंने UPSC क्रैक करने का मन बनाया. उनके माता-पिता ने उन्हें काफी प्रोत्साहित किया. तभी से वह UPSC के लिए जी-जान से मेहनत कर रही थीं.
उन्होंने बताया कि उन्हें तैयारी के लिए काफी कम समय मिलता था. रात में कम सोती थीं और स्कूल से लौटकर पढ़ाई करती थीं. उन्होंने बिना कोचिंग के UPSC क्रैक किया है. आयुषी की मां आशा रानी सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पद से रिटायर हैं. पिता अशोक कुमार बठिंडा में एचईएल में चीफ डिस्पेंसर हैं. आयुषी की सफलता से दोनों गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. मां ने बताया कि आयुषी एनसीईआरटी की पुस्तकों का विवरण यू-ट्यूब से सुनकर समझती थीं. साथ ही UPSC की तैयारी से संबंधित वीडियो को देखती थीं.
Tags: