Delhi दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आज कवरत्ती में स्थित ओशियन थर्मल एनर्जी कन्वर्ज़न (OTEC) प्लांट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली और उत्पादन क्षमता का विस्तृत अवलोकन किया और अधिकारियों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
OTEC प्लांट समुद्र की सतह और गहरे पानी के तापमान अंतर का उपयोग करके स्थायी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करता है। यह परियोजना लक्षद्वीप में अक्षय ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस प्रणाली से समुद्र आधारित ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम प्रयास है। उन्होंने कहा कि समुद्री ऊर्जा के इस मॉडल से नौवहन और समुद्री क्षेत्रों में नई तकनीकियों का विकास होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और इंजीनियर्स की सराहना करते हुए कहा कि OTEC प्लांट न केवल लक्षद्वीप के लिए बल्कि पूरे भारत के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एक मिसाल साबित होगा। उन्होंने परियोजना के विस्तार और नई तकनीकी नवाचारों के महत्व पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर, अधिकारियों ने बताया कि OTEC प्लांट से उत्पन्न ऊर्जा स्थानीय निवासियों और औद्योगिक उपयोग दोनों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। यह परियोजना लक्षद्वीप को स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी। केंद्रीय मंत्री के दौरे ने परियोजना के महत्व को रेखांकित किया और स्थानीय प्रशासन तथा ऊर्जा विभाग के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की दिशा में नए अवसर खोल दिए।