हाथरस: हाथरस में शनिवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में दो लुटेरे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनमें से एक के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देर रात स्वाट टीम और हाथरस गेट कोतवाली पुलिस ने संयुक्त सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। इस दौरान लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश राहुल के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। उसे और उसके साथी विवेक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके पास से लूटे गए 70 हजार रुपये, तमंचा और मोटरसाइकिल बरामद की।
हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र में 14 फरवरी को हुई लूट की घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने तीन टीमें बनाई थीं। स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था। 6 अप्रैल की रात संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि लूट और छिनैती करने वाले बदमाश किंदोली नहर की ओर से भाग रहे हैं।
पुलिस और स्वाट टीम ने नहर के पास चेकिंग शुरू की। तभी दो मोटरसाइकिलों पर कुछ संदिग्ध दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके और भागने लगे। मुठभेड़ में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें राहुल घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया। उससे 32 हजार रुपये बरामद हुए। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया था, लेकिन कांबिंग के दौरान पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। उसका नाम विवेक है और उसके पास से 38 हजार रुपये मिले। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि 14 फरवरी को हाथरस गेट क्षेत्र में नहर की पटरी के पास एक बुजुर्ग से 1.5 लाख रुपये लूटे थे। लूट की रकम को दोनों ने बराबर-बराबर बांट लिया था।
पुलिस ने बताया कि इनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मुठभेड़ में पुलिस ने बदमाशों पर काबू पाने के लिए सटीक रणनीति अपनाई। एसपी ने कहा, "अपराध नियंत्रण और बदमाशों की धरपकड़ के लिए जनपद में लगातार अभियान चल रहा है। इस ऑपरेशन में भी पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ने के लिए चेकिंग की थी। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में गोली चलाई गई।"