Delhi दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ महीनों से ठंडे पड़े रिश्तों में अब गर्माहट लौटती दिख रही है। दोनों देशों ने नई दिल्ली में आयोजित मंत्रीस्तरीय व्यापार वार्ता (Ministerial Dialogue) के दौरान आर्थिक सहयोग को फिर से मजबूत करने और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने का संकल्प लिया। इस बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा की ओर से अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मैरी एन एनजी ने भाग लिया।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को लेकर बातचीत को पुनर्जीवित करने पर सहमति जताई। यह वही समझौता है जिसकी वार्ता 2022 में ठप पड़ गई थी। अब दोनों पक्षों ने कहा कि वे “आपसी भरोसे और पारदर्शिता” के आधार पर फिर से आगे बढ़ेंगे।
मंत्री पीयूष गोयल ने बैठक में कहा कि भारत और कनाडा के बीच “लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त बाजार की समान सोच” है, और दोनों को मिलकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता लाने की दिशा में काम करना चाहिए। वहीं, कनाडा की मंत्री मैरी एन एनजी ने कहा कि भारत कनाडा के लिए “रणनीतिक साझेदार” है, और दोनों देश कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं। बैठक में निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता, कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करने, और MSME सेक्टर में संयुक्त निवेश पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने यह भी माना कि शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यह वार्ता भारत-कनाडा संबंधों को सामान्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हाल ही में दोनों देशों के बीच खालिस्तानी मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ गया था, जिससे व्यापार वार्ता रुक गई थी। लेकिन अब दोनों पक्षों ने कहा है कि “विकास और व्यापारिक सहयोग” को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CEPA पर फिर से प्रगति होती है, तो आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंच सकता है।