Nahan. नाहन। उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को लोगों तक सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि खाद्य व्यवसाय से जुड़े प्रत्येक व्यापारी का अधिनियम के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में जिले में 5,963 खाद्य कारोबारियों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है। व्यापारियों को स्वयं अथवा लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण कराने की सुविधा उपलब्ध है। बैठक में शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूलों में मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्यान्न का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिड-डे मील कर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल 2025 से जून 2026 तक जिले में 201 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 120 विधिक और 180 सर्विलांस सैंपल लिए गए, जिनमें से 30 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी है। विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष 28 मामलों में कार्रवाई करते हुए 3.57 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि दो गंभीर मामलों में न्यायालय ने एक दिन के कारावास के साथ 1.10 लाख का जुर्माना भी लगाया। बैठक में बताया गया कि राजगढ़, पांवटा साहिब, सतौन और ददाहू में जागरूकता शिविर आयोजित कर 256 खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। जिले में संचालित फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स वाहन के माध्यम से खाद्य पदार्थों, दूध, खाद्य तेल, पानी और मिठाइयों की मौके पर जांच कर उपभोक्ताओं और दुकानदारों को तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है।